कर्नाटक में फिर शुरु हुआ नाटक, नाराज जेडीएस नेता के बयान से सियासी भूकंप, सीएम मनाने में लगे

कर्नाटक। लोकसभा चुनाव के लिये आज आखिरी चरण का मतदान हो रहा है, लेकिन उससे पहले कर्नाटक के सत्ताधारी जेडीएस के वरिष्ठ नेता बासवराज होराती ने शनिवार को विधानसभा भंग किये जाने की मांग कर सबको चौंका दिया है। दरअसल बासवराज जेडीएस और गठबंधन की साथी कांग्रेस के बीच लगातार उपज रहे मतभेदों और सिद्धारमैया को दोबारा सीएम बनाओ की जोरदार मांग से नाराज हैं।

सीएम ने चुप रहने की दी सलाह
जेडीएस नेता बासवराज की नाराजगी के बाद सीएम एचडी कुमारस्वामी ने चुप रहने और विरोधात्मक और विवादित बयानों से परहेज करने की सलाह दी है, सीएम कुमारस्वामी ने केन्द्र में गैर-बीजेपी सरकार के गठन के प्रयासों की ओर इशारा करते हुए कहा कि गठबंधन नेताओं के बयान इन कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिये गठबंधन के नेता ऐसे बयानों से परहेज करें।

कुमारस्वामी का ट्वीट
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, कि मेरी दोनों पार्टियों के नेताओं से विनम्र प्रार्थना है कि सार्वजनिक मंच पर या सार्वजनिक तौर पर विवादित बयान देने से बचें, केन्द्र में गैर-बीजेपी सरकार बनाने की कोशिश में सहयोग करें। आपको बता दें कि बीच-बीच में गठबंधन के ही नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते रहते हैं।

होराती का बयान
इससे पहले होराती ने एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि वो आम जनता के दिल की बात कह रहे हैं, दोनों पार्टियों के बीच पांच साल के लिये गठबंधन सरकार चलाने पर बात हुई है, इसलिये सरकार चलाना दोनों दलों का धर्म है, होराती ने कहा कि चलिये इसे छोड़िये, लेकिन ये कहने की क्या जरुरत थी, कि सिद्धारमैया को दोबारा सीएम बनना चाहिये, इससे आम जनता में संशय पैदा होता है, बीजेपी भी गठबंधन साझीदारों के बीच विवाद का लाभ उठाने की कोशिश करती है।

दिसंबर में भी साध चुके हैं निशाना
होराती ने पहली बार गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस पर दिसंबर में तीखा हमला बोला था, तब उन्होने कहा था कांग्रेस सीएम एचडी कुमारस्वामी को रबर स्टंप की तरह इस्तेमाल कर रही है। आपको बता दें कि कर्नाटक में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी विपक्ष में है, जबकि जेडीएस कांग्रेस के समर्थन से सरकार चला रही है।