एक्जिट पोल- रायबरेली या अमेठी, कांग्रेस का ये किला भी हो सकता है ध्वस्त

लखनऊ। आखिरी चरण के मतदान के बाद तमाम न्यूज चैनल एक्जिट पोल प्रसारित कर रहे हैं, सभी चैनल तमाम तरह के दावे कर रहे हैं, एक्जिट पोल्स के मुताबिक देश में एक बार फिर मोदी की सरकार बनने जा रही है, एनडीए स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में लौट रही है। वहीं यूपी को लेकर भी तरह-तरह के दावे किये जा रहे हैं, न्यूज-18 के एक्जिट पोल के मुताबिक यूपी में बीजेपी को 62 से 67 सीटें मिलने का अनुमान है, इसके साथ ही कांग्रेस के लिये एक बुरी खबर है, क्योंकि उन्हें यूपी में सिर्फ एक सीट दी जा रही है, मालूम हो कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी यूपी से चुनाव लड़ रहे हैं।

कांग्रेस 1 सीट पर सिमटी 
अगर न्यूज-18 के एक्जिट पोल के आंकड़ों पर यकीन करें, तो यूपी में कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर सिमट सकती है, ये सीट सोनिया गांधी की रायबरेली हो सकती है, या फिर राहुल गांधी की अमेठी भी, हालांकि अगर थोड़ा पीछे जाएं, तो ये समझने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी, कि अमेठी राहुल गांधी के लिये मुसीबत बन सकती है, वैसे आपको बता दें कि राहुल अमेठी के साथ-साथ केरल के वायनाड से भी चुनावी मैदान में हैं।स्मृति ईरानी की चुनौती
राहुल गांधी केरल के वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, अमेठी से राहुल को बीजेपी के स्मृति ईरानी चुनौती दे रही हैं, चुनाव से पहले ही केन्द्रीय मंत्री ने कहा था कि राहुल को पहले से ये खबर थी कि इस बार वो अमेठी से नहीं जीत पाएंगे, इसी वजह से उन्होने वायनाड सीट का चयन किया, हालांकि आपको बता दें कि रायबरेली और अमेठी से सपा-बसपा गठबंधन ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।2014 में कम हुआ था जीत का अंतर
2014 लोकसभा चुनाव में यूपी में कांग्रेस दो सीटों पर सिमट गई, चुनाव से ठीक 15 दिन पहले स्मृति ईरानी की उम्मीदवारी अमेठी से घोषित की गई, हालांकि 15 दिन में ही स्मृति ने माहौल बना दिया था, तब राहुल गांधी करीब 1 लाख वोटों के अंतर से जीते थे, पिछले पांच साल से स्मृति लगातार अमेठी जा रही हैं, और वहां काम कर रही हैं, जिसके बाद कहा जा रहा था कि इस बार राहुल गांधी के लिये रास्ता आसान नहीं रहने वाला है।कांग्रेस के लिये खतरे की घंटी 
बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि अमेठी के हवा के रुख को देखने के बाद जेल में बंद गायत्री प्रजापति को लखनऊ अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, ताकि वो अपने समर्थकों से कांग्रेस के लिये वोट अपील कर सकें, हालांकि एक्जिट पोल के नतीजे के मुताबिक आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिये राह आसान नहीं है।