उपेंद्र कुशवाहा के बयान का साइड इफेक्ट, आरजेडी के बागी नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लहराई बंदूक

पटना। आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के ईवीएम लूटने के प्रयास बंद नहीं हुए तो सड़कों पर खून बहेगा वाले बयान के समर्थन में आरजेडी के बागी नेता रामचंद्र सिंह यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस में हथियार लहराते हुए दिखे. आचार संहिता लागू होने के बाद भी बेखौफ होकर आरजेडी नेता ने हथियार का प्रदर्शन किया. भभुआ से पूर्व विधायक रामचंद्र सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है. इसे बचाने के लिए हम गोली चलाने के लिए तैयार हैं.

आरजेडी नेता ने कहा, ”बगैर लड़े हुए अधिकार नहीं मिलने वाला है. रामचंद्र यादव की तरह करोड़ों रामचंद्र लोकतंत्र की रक्षा के लिए, प्रजातंत्र की रक्षा के लिए और इस संविधान की रक्षा के लिए हमलोग लड़ने के लिए, मरने के लिए और जेल जाने के लिए तैयार हैं.”

दरअसल रामचंद्र सिंह यादव आरजेडी का बागी नेता है हालांकि पार्टी ने अभी तक उसको बाहर नहीं किया है. लोकसभा चुनाव में बक्सर से आरजेडी प्रत्याशी जगदानंद सिंह और बीजेपी प्रत्याशी अश्विनी चौबे के खिलाफ रामचंद्र सिंह यादव ने निर्दलीय चुनाव लड़ा है. आरजेडी जिलाध्यक्ष ने पुष्टि की है कि निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी ने अभी तक उसपर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है. प्रेस कॉन्फ्रेस में वो खुद भी बोलता हुआ नजर आ रहा है कि तेजस्वी यादव ने अभी उसे बाहर नहीं निकाला है.

बता दें कि इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा ने महागठबंधन की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में समर्थकों से कहा कि आप अपने हथियारों के साथ ईवीएम को लूटने से बचाने की कोशिश करें. उन्होंने कहा कई जगह से खबरें आ रही हैं कि ईवीएम मशीन को अभी इधर से उधर किया जा रहा है. उन्होंने समर्थकों से कहा कि ईवीएम को बचाने के लिए हथियार भी उठाना पड़े तो उठाइए. कुशवाहा की पार्टी महागठबंधन का हिस्सा है. वह बिहार की पांच सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान पर एलजेपी नेता चिराग पासवान ने कहा कि ये शर्मनाक और चिंताजनक है. अगर कल कोई इस तरह की घटना होती है तो जिम्मेदारी भी इन्हीं लोगों की होगी. वहीं तेजस्वी यादव ने कुशवाहा के बयान पर कहा कि भाषा नहीं भाव को समझें.