जानिए यूपी की उन सीटों के बारे में जहां गठबंधन की जीत के आड़े आई कांग्रेस

लखनऊ। यूपी की कुछ सीटें ऐसी भी रही हैं जिन पर कांग्रेस का वोट अगर गठबंधन के वोट में जोड़ दिया जाए तो गठबंधन की जीत हो सकती थी. प्रदेश में सिर्फ तीन सीटें ही ऐसी रहीं जिन पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही जबकि करीब 60 सीटों पर उसके प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई.

बदायूं, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, धौरहरा, मेरठ, संतकबीरनगर, और सुल्तानपुर में बीजेपी उम्मीदवारों की जीत का मार्जिन कांग्रेस उम्मीदवारों को मिले वोटों से कम रहा. मछलीशहर सीट पर कांग्रेस की सहयोगी जन अधिकार पार्टी ने चुनाव लड़ा था जिसे 7617 वोट मिले जबकि गठबंधन के उम्मीदवार 181 वोटों से हार गए. यानि गठबंधन को अगर जन अधिकार पार्टी का साथ मिला होता तो हार नहीं होती.

बदायूं में गठबंधन को 492898 वोट मिले जबकि बीजेपी को 511352 वोट मिले. कांग्रेस को यहां 51947 वोट मिले. अगर गठबंधन और कांग्रेस के वोटों को जोड़ लें तो फर्क 33 हजार वोटों का है.

बांदा में बीजेपी को 477926 वोट मिले जबकि गठबंधन को 418988 वोट हासिल हुए. कांग्रेस को यहां 75438 वोट मिले. गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ 477926 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 16500 ज्यादा हैं.

बाराबंकी में बीजेपी को 535917 वोट मिले जबकि गठबंधन को 425777 वोट हासिल हुए. कांग्रेस को यहां 159611 वोट मिले. गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ 585388 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 49471 अधिक है.

बस्ती में बीजेपी को 471162 वोट मिले जबकि गठबंधन को 440808 वोट हासिल हुए. कांग्रेस को यहां 86920 वोट मिले. गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ यहां 527728 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 56566 अधिक है.

धौरहरा में बीजेपी को 512905 वोट मिले जबकि गठबंधन को 352294 वोट हासाल हुए. कांग्रेस को यहां 162856 वोट मिले. यहां गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ 515150 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 2245 अधिक है.

मेरठ में बीजेपी को 586184 वोट मिले जबकि गठबंधन को 581455 वोट मिले. कांग्रेस को यहां से 34479 वोट मिले. यहां गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ 615934 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 29750 अधिक है.

संतकबीरनगर में बीजेपी को 467543 वोट मिले जबकि गठबंधन को 431794 वोट हासिल हुए. कांग्रेस को यहां से 128506 वोट मिले. यहां गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ 560300 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 92757 अधिक है.

सुल्तानपुर में बीजेपी को 459196 वोट मिले जबकि गठबंधन को 444670 वोट हासिल हुए. कांग्रेस को यहां से 41681 वोट मिले. यहां गठबंधन और कांग्रेस के वोटों का जोड़ 486351 है जो बीजेपी को मिले वोटों से 27155 अधिक है.

अगर बात सीतापुर की करें तो यहां बीजेपी उम्मीदवार को 514528 वोट मिले जबकि गठबंधन उम्मीदवार को 413695 और कांग्रेस उम्मीदवार को 96018 वोट मिले. हालांकि यहां गठबंधन और कांग्रेस का जोड़ भी करीब 4 हजार वोटों से पीछे रहेगा.

केवल तीन जगहों- अमेठी, कानपुर और फतेहपुर सीकरी में ही कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही. इन जगहों से राहुल गांधी, श्रीप्रकाश जायसवाल और राज बब्बर चुनाव लड़े थे.