भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच के बीच में सहवाग ने किया झन्नाटेदार खुलासा, जानकर रह जाएंगे दंग

रविवार को आईसीसी क्रिकेट विश्व कप (ICC world cup 2019) में एक तरफ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक मैच चल रहा था तो दूसरी तरफ कमेंट्री बॉक्स में क्रिकेट के पुराने पन्ने खुल रहे थे. दरअसल, हिन्दी कमेंट्री बॉक्स में वीरेंद्र सहवाग (Virender sehwag) मोर्चा संभाले हुए थे. उनके साथ वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) थे. दोनों की कमेंट्री की तुलना करें तो वह उनकी बैटिंग के हिसाब से ही होती है. लक्ष्मण मैदान में हो रही छोटी-छोटी बातों को भी बेहद सौम्यता के साथ समझाते हैं, वहीं सहवाग (Virender sehwag) बिल्कुल जोश और उत्साह के साथ कमेंट्री करते हैं. कमेंट्री के दौरान सहवाग (Virender sehwag) पुराने किस्से भी बताते रहते हैं, जो बेहद रूचिकर होते हैं. आपको याद हो तो बैटिंग के दौरान भी लक्ष्मण जहां क्लासिक शॉट्स खेलते तो सहवाग (Virender sehwag) आते ही ताबड़तोड़ बैटिंग शुरू कर देते. सहवाग (Virender sehwag) जब शॉट्स जड़ते तो हिन्दी पट्टी के उनके फैंस अक्सर कहते क्या झन्नाटेदार शॉट जड़ा है.

सहवाग (Virender sehwag) मानो कमेंट्री में भी ताबड़तोड़ पारी खेलते हैं. रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान सहवाग (Virender sehwag) ने एक ऐसा खुलासा किया जो वाकई हैरान करने वाला है. दरअसल, भारत के पूर्व कोच जॉन राइट रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया का मैच देखने पहुंचे थे. जॉन को देखते ही लक्ष्मण ने सहवाग (Virender sehwag) की तरफ इशारा करते हुए एक पुराना किस्सा छेड़ दिया.

सहवाग (Virender sehwag) ने बताया कि साल 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी के दौरान श्रीलंका के खिलाफ मैच चल रहा था. श्रीलंका ने भारत के सामने जीत के लिए करीब सवा दो सौ रनों का लक्ष्य दिया था. कोच जॉन राइट ने सहवाग (Virender sehwag) को काफी समझा-बुझाकर भेजा था कि वह क्रीज जाएं तो धीमा खेलें, क्योंकि लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं है, ऐसे में बहुत तेजी से शॉट्स लगाने की कोई जरूरत नहीं है.

इस बात से सहवाग (Virender sehwag) काफी नाराज हो गए. उस दौरान टीम इंडिया के मैनेजर राजीव शुक्ला तक बात पहुंची तब उन्होंने सहवाग (Virender sehwag) और जॉन के बीच समझौता कराया. जॉन ने सहवाग (Virender sehwag) से माफी मांगी. लक्ष्मण ने बताया कि इस घटना के बाद सहवाग (Virender sehwag) जब कभी खराब शॉट्स मारकर आउट हो भी जाते तो जॉन कभी गुस्सा नहीं करते. यहां आपको बता दें कि भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी इस घटना का जिक्र अपनी किताब में की है.