BREAKING NEWS

लोकसभा में कांग्रेस के नेता को लेकर अहम बैठक, मनीष तिवारी और अधीर रंजन के नाम पर चर्चा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में हार के सदमें से उबरने में जुटी कांग्रेस पार्टी की आज 12 बजे अहम बैठक होने जा रही है. ऐसा बताया जा रहा है कि कांग्रेस वॉर रूम में होने जा रही इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एके एंटनी करेंगे. ऐसी खबर है कि इस बैठक में लोकसभा में कांग्रेस नेता का नाम तय किया जाएगा. सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस लिस्ट में पंजाब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के इकलौते सांसद अधीर रंजन चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.

इससे पहले 16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में कांग्रेस के नेता और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य सचेतक थे. इस बार दोनों चुनाव हार गए हैं.

कांग्रेस की समीक्षा बैठक के दौरान और बाद में नेताओं में जमकर कहासुनी
लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा के लिए मंगलवार (10 जून) को बुलाई गई बैठक के दौरान और बाद में नेताओं के बीच जमकर कहासुनी हुई. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल कई नेताओं ने कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बारे में शिकायत की, तो कुछ नेताओं ने चुनाव के दौरान संगठन की तरफ से उचित सहयोग नहीं मिलने का मुद्दा उठाया.

बैठक में शामिल एक नेता ने मीडिया को बताया कि गाजियाबाद से पार्टी के टिकट के अकांक्षी के के शर्मा ने तो कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर चुनावी हार का ठीकरा फोड़ा और उस दौरान उनकी कुछ नेताओं से कहासुनी भी हुई.
इस बैठक से बाहर निकलने के बाद पार्टी की गाजियाबाद इकाई के दो वरिष्ठ नेताओं नरेंद्र भारद्वाज और हरेंद्र कसाना के बीच खूब तू तू-मैं मैं हुई. सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान कसाना ने भारद्वाज की बेटी और गाजियाबाद से कांग्रेस उम्मीदवार रहीं डॉली शर्मा के बारे में कुछ शिकायत की जिसको लेकर बैठक के बाद भारद्वाज एवं कसाना के बीच कहासुनी देखने को मिली.

गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं और उम्मीदवारों की यह बैठक हार के कारणों पर मंथन करने के लिए बुलाई गई थी. इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पूरे उत्तर प्रदेश में सिर्फ रायबरेली की सीट जीत पाई है. पूरे देश में उसे सिर्फ 52 सीटें हासिल हुई हैं.