गुजरात: होटल के सेप्टिक टैंक साफ करने उतरे 4 सफाई कर्मचारियों समेत 7 लोगों की मौत

वडोदरा। गुजरात में वडोदरा में एक होटल के सेप्टिक टैंक साफ करने उतरे चार सफाई कर्मचारी समेत कुल सात लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. एक अधिकारी ने सात लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा, ” गुजरात के वडोदरा के के फरटिकुई गांव में होटल के नाले को साफ करने के दौरान दम घुटने से चार सफाईकर्मिययों सहित सात लोगों की मौत हुई है.”

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सात मृतकों में से तीन होटल कर्मचारी हैं, जिनकी पहचान अजय वसावा (24), विजय चौहान (22) और सहदेव वसावा (22) के रूप में की गई है. जबकि शेष चार सफाईकर्मी थे. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है. हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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Gujarat: Seven people including four sanitation workers cleaning a hotel’s septic tank have died, allegedly of suffocation, in Fartikui village in Vadodara. Details awaited. pic.twitter.com/KjXvZsBC8n

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इंडियन एक्सप्रेस ने उप पुलिस अधीक्षक कल्पेश सोलंकी के हवाले से लिखा है, “चार सफाईकर्मियों को टैंक की सफाई का काम दिया गया था, उनमें से एक टैंक में घुसा और गैस रिसाव के कारण उसका दम घुट गया. जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो उसके अन्य लोग भी टैंक में कूद पड़े और उनकी भी मौत हो गई. तीन इनमें से होटल स्टाफ थे. हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वह कौन सा गैस था जिसके कारण इनकी मौत हुई.”

क्या कहते हैं नियम

दरअसल, सीवेज के मेनहोल, सीवर लाइन या फिर सेप्टिक टैंक की सफाई व्यक्ति से कराने पर शासन ने प्रतिबंध लगा दिया है. इसके लिए श्रमिकों के हित में बनाए गए रूल 2013 की धारा 7 के अंतर्गत सख्त प्रावधान किए गए हैं. आदेश 13 मई 2014 को जारी हुआ है. हालांकि जब जब तक मशीन ऐसा करने में सक्षम न हो तो अधिनियम के मुताबिक सफाई कर्मचारी को 48 किस्म के सुरक्षा संसाधन मुहैया करवाने का प्रावधान किया गया है.जिनमें ब्लोअर के लिए एयर कंप्रेसर, गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, हाथ के दस्ताने आदि हैं.