कर्नाटक के उपमुख्‍यमंत्री ने मंत्र‍ियों को बुलाया ब्रेकफास्‍ट पर, मांग सकते हैं सभी से इस्‍तीफा: सूत्र

बेंगलुरु/नई दिल्‍ली। कर्नाटक सरकार पर मंडरा रहे खतरे के बादल और गहरे होते जा रहे हैं. रविवार को मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी अमेरिका से बेंगलुरु पहुंचे. यहां पर उन्‍होंने अपनी पार्टी के विधायकों के साथ होटल में मीटिंग की. कर्नाटक के उपमुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता जी परमेश्‍वर के साथ भी उनकी मीटिंग हुई, लेकिन कोई स्‍पष्‍ट नतीजा नहीं निकला है. उधर मुंबई गए 10 विधायकों ने बेंगलुरु लौटने से इनकार कर दिया है. वह इस्‍तीफे पर अड़े हैं. अब सोमवार को जी परमेश्‍वर ने सरकार में शामिल सभी कांग्रेस के मंत्र‍ियों को ब्रेकफास्‍ट पर बुलाया है. सूत्रों के अनुसार, वह मंत्र‍ियों से इस्‍तीफा देने को कह सकते हैं.

दरअसल कहा जा रहा है कि कांग्रेस अपने मंत्र‍ियों से इस्‍तीफा देकर मुंबई में रूठकर बैठे विधायकों को मंत्री पद का ऑफर देकर वापस बुला सकती है. इस संकट के पीछे सबसे बड़ा कारण असंतोष है. कई विधायक लंबे समय से मंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे थे. जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो विद्रोह भड़क गया.

कर्नाटक कांग्रेस ने विधायकों की मंगलवार को बैठक बुलाई

कर्नाटक कांग्रेस ने पार्टी के नौ बागी विधायकों के शनिवार के इस्तीफे के बाद इस संकट से निपटने के लिए नौ जुलाई को अपने सभी 78 विधायकों की बैठक बुलाई है. इससे पहले कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह (विजयनगर) ने एक जुलाई को इस्तीफा दे दिया था, जिसे मिलाकर बागी विधायकों की संख्या 10 हो गई है.

कांग्रेस प्रवक्ता रवि गौड़ा ने कहा, “कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया ने सभी विधायकों को निर्देश दिया है कि वे मंगलवार (नौ जुलाई) को सुबह 9.30 बजे विधानसभा भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी मुद्दों पर चर्चा करें, जिसमें शनिवार को इस्तीफा देने वालों की चिंताएं भी शामिल हैं.”

सीएलपी बैठक आयोजित करने का निर्णय पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं की बैठक में लिया गया, जिसमें सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री जी. परमेस्वरा, पार्टी की राज्य इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष ईशर कंद्रे और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल शामिल रहे. गौड़ा ने कहा, “पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी बैठक में भाग लेंगे.”

विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार मंगलवार को ही विधायकों के त्याग-पत्रों पर गौर करेंगे. विधायकों ने कुमार की अनुपस्थिति में अपने इस्तीफे उनके निजी सचिव को सौंप दिए थे. इनमें नौ कांग्रेस और तीन जनता दल (सेक्युलर) के विधायकों के इस्तीफे हैं.