राजनाथ की चेतावनी- फिर करगिल जैसा हुआ तो PAK को 1965, 71 और 99 से भी कड़ा सबक सिखाएंगे

नई दिल्ली। पूरा देश आज करगिल विजय दिवस मना रहा है. इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आजतक से खास बातचीत की और कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता लेकिन युद्ध के लिए उकसाया तो परिणाम पहले के युद्धों से ज्यादा बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि फौज के जवानों पर हमें गर्व है. जवानों के लिए विशेष तौर पर सोचना जरूरी है. मेरे लिए देशहित सबसे पहले है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि 1999 के करगिल विजय के बाद सेना के आधुनिकिकरण के कारण काफी बदलाव आए. एडवांस्ड हथियारों को शामिल किया गया. भारत युद्ध करना नहीं चाहता लेकिन अगर हुआ तो 1965, 1971 और 1999 से भी बेहतर विजय हासिल करेंगे.

करगिल युद्ध पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध बनाने के लिए प्रयास किए और समझौता भी किया लेकिन पाकिस्तान इसके बाद भी बाज नहीं आया. 60 दिन तक यह युद्ध चला और जवानों ने अपने पराक्रम से विजय प्राप्त किया.

राजनाथ सिंह ने 1999 के इस युद्ध को याद करते हुए बताया कि पहली बार भारत को 3 मई 1999 को पता चला कि पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया है. उसके बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ. चोटियों पर पाकिस्तान के सैनिक आकर बैठे हुए थे और इस बात को जानते हुए भी ऊपर जाने पर मारे जाएंगे, भारतीय सैनिकों ने आगे बढ़कर उन्हें नेस्तोनाबूत कर दिया.

पाकिस्तानियों को खदेड़कर बोले विक्रम बत्रा- दिल मांगे मोर

विक्रम बत्रा का जिक्र करते हुए राजनाथ ने बताया कि वो ऊपर पहुंचकर एक पोस्ट पर कब्जा भी कर चुके थे और फिर अपने अधिकारी को बताया. जब अधिकारी ने उनसे पूछा कि आगे क्या करना है तो उन्होंने कहा था दिल मांगे मोर.