उन्नाव गैंगरेप: पुलिस को मालूम नहीं है जेल में बंद विधायक कुलदीप सेंगर का वर्तमान पता

लखनऊ। रेप के मामले में जेल में बंद उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. कार हादसे वाले मामले में उनके खिलाफ रायबरेली के गुरबक्श थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. लेकिन यूपी पुलिस के पास विधायक का पता तक नहीं है. वर्तमान पता वाले कॉलम में ‘उपलब्ध नहीं’ लिखा गया है. उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के चाचा की शिकायत पर ये मुकदमा दर्ज किया गया है.

इस एफआईआर में कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई मनोज सिंह सेंगर समेत कुछ पर नामजद और 15-20 अन्य अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है. इस एफआईआर में आईपीसी 302, 307, 506, 120बी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

 

 

बता दें कि रविवार को उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की गाड़ी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी. हादसे में पीड़िता की मौसी, चाची और ड्राइवर की मौत हो गई. पीड़ित महिला और उसके वकील को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले के मुख्य आरोपी हैं.

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की, उसकी चाची और मौसी अपने वकील महेंद्र के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार महेश सिंह से रविवार को मुलाकात करने जा रही थी. रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार और एक ट्रक के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में टक्कर हो गयी थी.

इस हादसे में चाची और मौसी ने दम तोड़ दिया था. सूत्रों ने बताया कि इस घटना में घायल वकील महेंद्र सिंह की हालत बेहद नाजुक है और वह ट्रामा सेंटर में वेंटिलेटर पर हैं. वहीं, विधायक सेंगर पर आरोप लगाने वाली लड़की भी घायल हुई है लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है.

 

इस लड़की ने साल 2017 में उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप आरोप लगाया था. इस मामले में सेंगर को गिरफ्तार किया गया था. मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है और इस वक्त सेंगर जेल में हैं. इससे पहले लड़की की शिकायत के बावजूद पुलिस काफी दिनों तक एफआईआर दर्ज करने से कतराती रही.

लड़की ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्महत्या की कोशिश की. जिसके बाद पुलिस ने उसके पिता को हिरासत में लिया. पीड़ित का दावा है कि कुलदीप सेंगर के समर्थकों की पिटाई से पिता की मौत हो गई. बाद में एक मुख्य गवाह की भी संदिग्ध मौत हो गई.

भड़का विपक्ष
पूरे प्रकरण पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संसद में भी मामला गूंजा. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि यह पीड़िता को मारने की साजिश हो सकती है, सीबीआई जांच की जाए. वहीं बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने भी षडयंत्र कि आशंका जताई है.

उन्होंने कहा, ”उन्नाव रेप पीड़िता की कार की रायबरेली में कल ट्रक से टक्कर प्रथम दृष्टया उसे जान से मारने का षडयंत्र लगता है. सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.”

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ. भारतीय महिलाओं के लिए एक नया विशेष शिक्षा बुलेटिन है. अगर बीजेपी विधायक आपसे बलात्कार का आरोपी हो तो सवाल मत पूछिए.’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि दुर्घटना चौंकाने वाली है. उन्होंने सवाल किया कि आरोपी विधायक अभी भी भाजपा में क्यों हैं. पीडि़ता की सुरक्षा में ढिलाई क्यों बरती गई.

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि एनसीडब्ल्यू की एक टीम मंगलवार को उन्नाव में पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों से मिलने जाएगी. टीम जांच का ब्योरा जानने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ एक बैठक भी करेगी. एनसीडब्ल्यू ने पूरे मामले में डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है.