बकरीद पर आजम खान ने रामपुरवासियों को लिखा भावुक पत्र

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता व रामपुर से सांसद आजम खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. वह कई दिनों से रामपुर से दूरी बनाएं हुए हैं. बकरीद के मौके पर भी उनके आज यहां पहुंचने की उम्मीद कम है. इसीलिए उन्होंने शहर के लोगों को भावुकता भरा पत्र लिखा है. सासंद आजम खां के खिलाफ एक महीने में जमीन कब्जाने के कई मुकदमे दायर किए जा चुके हैं.

उन्होंने लिखा, “तुम सब पर और हालात पर मेरी नजर है. मजहब, धर्म और जात इस इदारे (यूनिवर्सिटी) की पहचान नहीं है, इसका मकसद सबको प्यार और सबसे प्यार करना है. इस गांठ को मजबूती से गिरह बंद कर लेना, जिंदगी के बाकी सफर में भी यह काम आएगी. नफरतों के सौदागर इसी के रास्ते मुल्क की तबाही का इंतजाम कर रहे हैं, सबको इससे होशियार रहना होगा.”

अपने संदेश में आजम खां ने कहा, “मेरी बात सुनो, अजीजों आपके दिलो दिमाग में बहुत सारे सवालात होंगे लेकिन मेरा जवाब बस इतना है कि जो लोग समझते हैं सब कुछ मिट जाएगा, वो सही हो सकते हैं लेकिन एक इतिहास लिख गया, एक तारीख कायम हो गई है कि हड्डी-गोश्त से बना हुआ एक इंसान, गली का बाशिंदा हुकूमतों की मुखालफतों के बावजूद एक अजीम उल शान इदारा यूनिवर्सिटी और नौनिहालों के लिए अच्छे हाई क्लासेज स्कूल्स कायम करने में कामयाब हो सका.”

उन्होंने कहा कि हम जल्द सब एक साथ होंगे, जब तक जिएंगे जिंदगी की चुनौतियों से जूझते रहेंगे मगर हार नहीं मानेंगे, क्योंकि अपनी मंजिल के बारे में हमें मालूम है और उसे हासिल करना है.

उन्होंने आगे लिखा है, “फिर सुबह होगी, तूफान गुजर चुका होगा, लहरें दम तोड़ चुकी होंगी और जहाज सूरज की किरणों के साथ अपनी मंजिल की तरफ गामजन हो जाएगा. जरा अपनी नजरों से देखो तो मैंने जब इस यूनिवर्सिटी का संग ए बुनियाद रखवाया था तो तुम्हे क्या संदेश दिया था, आसमान छूती हुई मजबूत शमां तुम्हारे इरादों की हमेशा नुमाइंदगी करती रहेगी जाओ वहां जा कर उसे सैल्यूट करो. इसके अलावा भी आजम खां ने अपने संदेश में बहुत सी बातें लिखी हैं.

ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक डॉ़ अजय पाल शर्मा ने कहा है कि जिन धाराओं के तहत आजम खान के ऊपर मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें खान की गिरफ्तारी संभव है. लेकिन हम उन्हें तभी गिरफ्तार करेंगे जब वह जांच में दोषी पाए जाएंगे.

जिला अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि आजम खान के रामपुर आने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, हालांकि उन्हें हाल में यहां नहीं देखा गया है. आजम खान पहले ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दे चुके हैं और इस सप्ताह के अंत में उनकी याचिका पर सुनवाई की जाएगी.

पुलिस ने उन पर आलिया मदरसा से करीब 2,000 किताबें चोरी करने का आरोप भी लगाया है, जो एक छापे के दौरान जौहर विश्वविद्यालय से बरामद की गई थीं.