कांग्रेस MLA का दावा- कांग्रेस और RJD में होगी बड़ी टूट, मुखिया होंगे नीतीश

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ेंगे. यह कहना है बिहार के बक्सर से कांग्रेस विधायक मुन्ना तिवारी का. उन्होंने अपनी पार्टी के अलावा आरजेडी में भी बड़ी टूट का दावा किया है.

विधायक तिवारी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी में बड़ी टूट के बाद जो समीकरण बनेगा, उसका मुख्यमंत्री चेहरा नीतीश कुमार होंगे. वैसे बिहार में बीजेपी और जेडीयू गठबंधन की सरकार चल रही है और दोनों पार्टियों ने एलजेपी के साथ मिलकर 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है.

जेडीयू ने अपने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला किया था कि आगामी विधानसभा का चुनाव बीजेपी के साथ नीतीश कुमार के नेतृत्व में मिलकर लड़ेंगे. लेकिन बक्सर के कांग्रेस विधायक मुन्ना तिवारी के इस दावे की वजह से बिहार की राजनीति गरमाने की पूरी आशंका है. खुद विधायक ने दावा किया है कि कांग्रेस में बड़ी टूट होगी.

जबकि नेतृत्व-विहीन आरजेडी को लेकर यह पहले से कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी के अधिकतर विधायक अपनी नई जमीन तलाशने में लगे हैं. विधायक ने दावा भी किया कि उनके पास पुख्ता जानकारी है कि आरजेडी और कांग्रेस के विधायक लगातार नीतीश कुमार के संपर्क में हैं. ऐसे में इन पार्टियों में टूट की 100 फीसदी संभावना है.

बिहार में भले ही जेडीयू और बीजेपी साथ-साथ सरकार चला रहें हों लेकिन उनकी विचारधाराओं में काफी अंतर है. कुछ मुद्दों पर तो पार्टी की राय जगजाहिर है चाहे वो तीन तलाक का मामला हो या फिर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध, जेडीयू ने संसद में इन मुद्दों पर बीजेपी का साथ न देकर उसका बहिष्कार किया था. हालांकि, बाद में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि संसद से कानून पारित होने के बाद उनकी पार्टी उसका सम्मान करती है.

बीजेपी की तरफ से ये लगातार कहा जा रहा है कि 2020 का चुनाव वो जेडीयू और एलजेपी के साथ मिलकर लड़ेगी और मुख्यमंत्री का चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे. लेकिन बक्सर के विधायक मुन्ना तिवारी ने बीजेपी से कहा कि वो मुगालते में न रहें कि नीतीश कुमार उनके साथ चुनाव लड़ने वाले हैं. इस बार बिहार में नया समीकरण बनेगा और इस नए समीकरण के साथ नीतीश कुमार अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे. विधायक के दावे में कितना दम है यह कहना तो अभी मुश्किल है लेकिन बिहार की राजनीति विधानसभा चुनाव तक कई करवट ले सकती है.