आखिर क्या चाहता है पाकिस्तान? सीमा पर बढ़ाई फौज, तैनात की तोपें

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) के प्रावधानों को हटाने के बाद से ही पाकिस्तान (Pakistan) दुनियाभर में अपनी छाती पीटता नजर आ रहा है. हर तरह की कोशिशें असफल होने के बाद अब पाकिस्तान एलओसी (Line of Control) पर अशांति फैलाने की प्रयास कर रहा है. सूत्रों की मानें तो, पाकिस्तानी सरकार ने सीमा पर भारी संख्या में अपनी फौज की तैनाती की है. साथ ही कम दूरी की तोपों को भी सीमा पर तैनात किया है.

कश्मीर के मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) हर जगह से मुंह की खा रहा है. इन सबके बावजूद पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) से लेकर नेता और अब उसके क्रिकेटर भी कश्मीर को लेकर गलतबयानी कर रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को आवाम को संबोधित करते हुए भारत को परमाणु हमले की गीदड़भभकी भी दी थी.

इमरान खान ने गीदड़भभकी देते हुए कहा था कि अगर यह मामला और बढ़ता है व युद्ध की स्थिति बनती है तो, भारत को याद रखना चाहिए कि दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं. और, इसका असर केवल भारत और पाकिस्तान पर ही नहीं पड़ेगा बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा. इमरान खान ने आगे कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर अपनी आखिरी सांस तक लड़ेगा और किसी भी हद तक जा सकता है.

बीती 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारतीय सेना ने पाकिस्तानी बैट टीम द्वारा की जा रही अवैध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था. इसके साथ ही सीमा पर आतंकवादी संगठनों की सक्रियता भी बढ़ गई है. ये सभी ग्रुप मसूद अजहर से जुड़े हुए हैं. जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) आतंकियों को ट्रेनिंग देकर सीमा पर करने के लिए उकसा रहा है. पीओके के रावलकोट, कोटली और मुजफ्फराबाद में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाए जाने की खबर भी सामने आ रही है.