पाकिस्तान के सिंध में हिंदू शिक्षक पर हमला, मंदिर और स्कूल में तोड़फोड़

कराची। पाकिस्तान (Pakistan) में एक बार फिर हिंदुओं (Hindu) पर अत्याचार का मामला सामने आया है. पाकिस्तान के सिंध (Sindh) प्रांत के एक स्कूल में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रिंसिपल के खिलाफ ईशनिंदा (Blasphemy) का मामला दर्ज होने के बाद रविवार को प्रांत के कई इलाकों में दंगे भड़क गए. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक भीड़ ने गोटकी शहर में एक हिंदू मंदिर और स्कूल में तोड़फोड़ की, साथ ही हिंदू प्रिंसिपल के साथ भी मारपीट की.

स्कूल में तोड़फोड़ का विडियो सोशल मीडिया पर जारी हो गया है. पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने भीड़ द्वारा स्कूल में तोड़फोड़ किए जाने से संबंधित एक विडियो साझा करते हुए स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. आयोग ने कहा है कि पुलिस-प्रशासन जरूरी कदम उठाए और स्कूल प्रिंसिपल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.

आयोग ने वीडियो को दहलाने वाला बताया है. आयोग का कहना है कि एक धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भीड़ की हिंसा बर्बरता है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

Riots in Sindh

वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा, एक हिंदू स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ ईशनिंदा के आरोप लगने के बाद घोटकी सिंध में हिंसा. प्रिंसिपल के स्कूल, हिंदू मंदिर, दुकानें, घरों में भीड़ ने की तोड़फोड़. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनिया को पाकिस्तान पर दबाव डालना चाहिए. पाकिस्तान के पत्रकार ने भी इस घटना का विडियो शेयर करते हुए कहा कि  इलाके  में हिंदू समुदाय खतरे में है. उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए.

कैसे शुरू हुआ विवाद?
एक छात्र के पिता अब्दुल अजीज राजपूत की शिकायत पर सिंध पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल नोतन मल के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. राजपूत का आरोप है कि शिक्षक ने इस्लाम के पैगंबर के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी कर ईशनिंदा की है. स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद घोटकी जिले में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग की.