₹800 करोड़ की बेनामी संपत्ति के मालिक कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार 1 Oct तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेजे गए

नई दिल्ली। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार दिग्गज कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार को 1 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जेल भेजने से पहले उन्हें अस्पताल ले जाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर डॉक्टर कहते हैं कि डीके शिवकुमार को अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत है, तो उन्हें भर्ती किया जा सकता है, अन्यथा उन्हें छुट्टी दी जा सकती है। जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल में ले जाया जा सकता है।

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Congress leader DK Shivakumar has been sent to judicial custody till 1st October, by a Delhi Court. https://twitter.com/ANI/status/1173938532781441025 

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Delhi’s Rouse Avenue Court has sent Congress leader DK Shivakumar to judicial custody and ordered that he should be taken to hospital first. If the doctor says DK Shivakumar needs to be admitted to hospital then he can be admitted, else he can be discharged & taken to Tihar jail

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से शिवकुमार को पूछताछ के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने की माँग की थी। ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल के.एम. नटराज ने अदालत से कहा कि पूछताछ अब तक पूरी नहीं हो सकी क्योंकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति के चलते कारगर पूछताछ नहीं हो पाई। नटराज ने अदालत से यह भी कहा कि धन शोधन शिवकुमार और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के जरिए ही हुआ।

बता दें कि इससे पहले ED ने शिवकुमार और उनके परिवार से जुड़े 317 खातों का जिक्र किया था जिनके माध्यम से मनी लॉन्डरिंग की घटना अंजाम दी गई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत को बताया था कि शिवकुमार की कई संपत्तियाँ बेनामी हैं और 317 बैंक खातों के जरिए धन शोधन किया गया है। ईडी ने कहा कि शिवकुमार के खिलाफ जाँच के अनुसार, शोधित धन 200 करोड़ रुपए से अधिक है और करीब 800 करोड़ रुपए मूल्य की बेनामी संपत्ति है।

बता दें कि वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने शिवकुमार की ओर से पेश होते हुए अदालत में दलील दी थी कि कॉन्ग्रेस नेता की स्थिति बहुत गंभीर है और वह दिल का दौरा पड़ने के करीब पहुँच गए थे, इसलिए उन्हें जमानत दे दी जाए। हमने पिछली बार भी कहा था इनकी तबीयत खराब है पर ईडी ने तब भी इनकी रिमांड ले ली अब ये कह रहे हैं कि इनकी जाँच पूरी नहीं हुई ईडी ने पूरे 15 दिन गुजार दिए फिर भी कह रहे हैं कि पूछताछ नहीं पूरी की गई। सिंघवी ने आगे कहा कि शिवकुमार की तबीयत बहुत खराब है इन्हें किसी प्रकार की कोई पूछताछ की इजाजत नहीं दी जाए हम माँग करते हैं कि शिवकुमार को जमानत पर रिहा कर दिया जाए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा कि ईडी ये सब कुछ शिवकुमार को परेशान करने की नीयत से कर रही है। ईडी कोर्ट में झूठ बोल रही है इन्होंने कहा कि इन्होंने शिवकुमार के बयान लिए पर मेरी जानकारी में उनको तो पूछताछ के लिए बुलाया ही नहीं इन्होंने दूसरे लोगों की भी रिकवरी शिवकुमार के नाम पर दिखा दिया। ईडी ने कहा कि शिवकुमार की मेडिकल स्थिति का जाँच एजेंसी ने ध्यान रखा है और जमानत याचिका का विरोध किया।

गौरतलब है कि शिवकुमार को ईडी ने धन शोधन के मामले में तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था। हिरासत में पूछताछ की अवधि खत्म होने पर अदालत में उन्हें पेश किया गया था।