बगदादी के मारे जाने पर पाकिस्तान ने उठाए सवाल, अमेरिका से ज्यादा ISIS पर जताया भरोसा

आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (ISIS) के खूंखार आतंकी सरगना अबू-बकर अल बगदादी (Abu Bakr al-Baghdadi) के मारे जाने पर पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने सवाल उठाए हैं. रहमान मलिक ने कहा है कि बगदादी के मारे की आईएसआईएस ने पुष्टि नहीं की है. बता दें कि 27 अक्टूबर को अमेरिकी सेना ने बगदादी को उत्तरपश्चिम सीरिया में छापों के दौरान मार दिया. बगदादी सुरंग में छिपा था. अमेरिकी फौज ने उसे वहीं खत्म कर दिया. अंतिम रूप से इसकी पुष्टि के लिए बगदादी के शव का डीएनए व बायोमिट्रिक जांच किया गया. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बगदादी के मारे जाने का ऐलान किया था.

लेकिन शायद अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर भी पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक को विश्वास नहीं है. अपने ट्वीट में रहमान मलिक ने लिखा, ‘यूएसए के राष्ट्रपति द्वारा बगदादी की मौत की सूचना दी गई है. मैंने ISIS से अभी तक कोई पुष्टि नहीं देखी है-मैं खुश हूँ अगर वह मर गया. सीरिया में जारी गृह युद्ध और क्षेत्र की राजनीति के मद्देनजर भ्रम की स्थिति उत्पन्न होना स्वाभाविक है. देखते हैं कि वह वास्तविकता में मारा गया है या नहीं?’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ‘यूएस स्पेशल फोर्स ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया में रात को एक साहसी मिशन को अंजाम दिया, और अपने मिशन को शानदार तरीके से पूरा किया, मैंने इस ऑपरेशन को देखा और इस दौरान अमेरिकी सैनिक अतुलनीय थे, इस मिशन में कोई भी अमिरेकी सैनिक हताहत नहीं हुआ और बगदादी समेत काफी संख्या में उसके लड़ाके और साथी मारे गए हैं. बगदादी एक सुरंग में चिल्लाते हुए कुत्ते की तरह से निकालते हुए मारा गया.’ ट्रंप के मुताबिक शनिवार की रात सीरिया में एक ऑपरेशन किया गया जिसके दौरान बगदादी एक सुरंग में छिपा हुआ था.

बगदादी अंतिम बार जुलाई 2014 में मोसुल में अल नूरी मस्जिद में सार्वजनिक तौर पर सामने आया था, जिसे इराकी सुरक्षा बलों ने जून 2017 में कब्जा कर लिया था.
आईएस ने तब से विभिन्न ऑडियो संदेश जारी कर दावा किया है यह बगदादी का ऑडियो संदेश है, हाल में ऐसा संदेश सितंबर 2017 में जारी किया गया था. इस साल अगस्त में आईएस ने अल-बगदादी का एक नया आडियो संदेश जारी किया.

पिछले कुछ समय से बगदादी के आतंकी एशिया में पांव पसारने की कोशिश में जुटे हैं. श्रीलंका के बड़े होटलों और चर्च में हुए सिलसिलेवार धमाकों में ISIS का हाथ माना जाता है. इसके अलावा ISIS भारत के कई युवाओं को बरगलाकर आतंकी बना चुका है.