कॉन्ग्रेस के खात्मे का समय आ गया है, यह देश से पहले पार्टी को तवज्जो देती है: AAP नेता

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है। इस संबंध में राजभवन की तरफ से एक प्रेस-रिलीज भी जारी कर दी गई है। राज्यपाल ने कहा है कि चूँकि प्रदेश में संवैधिनक रूप से सरकार बनने के आसार नहीं है, लिहाजा राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कॉन्ग्रेस की शिथिलता पर आम आदमी पार्टी की नेता प्रति शर्मा मेनन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस के खात्मे का समय आ गया है। प्रीति शर्मा ने मंगलवार (नवंबर 12, 2019) को कहा कि कॉन्ग्रेस के लिए देश से पहले पार्टी आती है। कॉन्ग्रेस हमेशा ही देश से पहले पार्टी को तवज्जो देती है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस, बीजेपी को महाराष्ट्र ‘थाली में सजाकर’ दे रही है।

Preeti Sharma Menon

@PreetiSMenon

.@INCIndia leadership always puts their party before the Nation. In Loksabha they stubbornly refused regional alliances and helped BJP sweep. Now they are giving on a platter to BJP. It’s moribund attitude will decimate it soon.

Preeti Sharma Menon

@PreetiSMenon

Congress MLAs in Maharashtra should join @PawarSpeaks. It’s really time for Congress to die.

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प्रीति ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी कॉन्ग्रेस ने क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करने से सख्ती से मना कर दिया और भाजपा को आसानी से जीत हासिल करने में मदद की। और अब वे भाजपा को महाराष्ट्र थाल में सजाकर दे रहे हैं। इनका ये रवैया जल्द ही इनका सफाया कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस के विधायकों को राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के साथ शामिल हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह सचमुच कॉन्ग्रेस के खात्मे का समय है।”

बता दें कि भाजपा, शिवसेना और एनसीपी- राज्य में तीनों सबसे बड़े दल सरकार गठन में असफल रहे। राज्यपाल ने पहले राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। जब बीजेपी ने असमर्थता जताई तो फिर शिवसेना को आमंत्रित किया गया। शिवसेना भी इसमें असफल रही तो फिर राज्यपाल ने एनसीपी को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया क्योंकि वो राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। मगर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। एनसीपी नेताओं का कहना है कि कल से वे कॉन्ग्रेस के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। मगर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है।