महाराष्ट्र: अपने विधायकों को लेकर फिर जयपुर भागी कॉन्ग्रेस, सबका फोन किया जब्त

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में अब कॉन्ग्रेस को अपनी पार्टी में टूट का डर दिख रहा है। पार्टी को डर है कि अगर शरद पवार जैसे बड़े नेता की पार्टी टूट सकती है और उनका भतीजा ही भाजपा से जाकर मिल सकता है तो कॉन्ग्रेस तो राज्य में चौथे नंबर की पार्टी है। इस डर के कारण कॉन्ग्रेस ने अपने सभी विधायकों का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। उन सभी को जयपुर ले जाया जाएगा। जयपुर में बसपा विधायक दल को 2 बार तोड़ने वाले अशोक गहलोत की सरकार है। कॉन्ग्रेस ने कई दिनों ने अपने विधायकों को जयपुर में ही ठहराया हुआ था लेकिन राष्ट्रपति शासन लगने के बाद उन्हें वापस बुला लिया गया था।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और गाँधी परिवार के वफादार अहमद पटेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पत्रकारों ने इस मसले को लेकर सवाल पूछा। जवाब में कॉन्ग्रेस नेताओं ने बताया कि उनके सभी 44 विधायक पार्टी के साथ हैं। हालाँकि, कॉन्ग्रेस के 2 विधायकों के गाँव में होने की बात भी कही गई। खड़गे ने बताया कि वो दोनों भी पार्टी के साथ हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना और एनसीपी में अपने विधायकों को कहीं और शिफ्ट करने में लगी हुई है। एनसीपी ये देखने में लगी है कि उसके कितने विधायक शरद पवार के साथ हैं।

शिवसेना ने भी अपने विधायकों को काफ़ी दिनों तक ठाकरे परिवार के निवास मातोश्री के पास ही स्थित एक होटल में रखा था। उन विधायकों को आधार कार्ड के साथ तलब किया गया था। अब कॉन्ग्रेस के विधायक भी जयपुर के रिसोर्ट में जाएँगे। इससे पहले ख़बर आई थी कि इन विधायकों को भोपाल ले जाया जाएगा, जहाँ कमलनाथ की सरकार है। लेकिन, अब कॉन्ग्रेस को लगता है कि भोपाल से जायदा अच्छी जगह उसके लिए जयपुर ही रहेगी।

ANI

@ANI

Ahmed Patel,Congress: All the three(Congress-NCP-Shiv Sena) parties are together in this and I am confident we will defeat BJP in the trust vote. All Congress MLAs are present here except two who are right now in their village, but they too are with us.

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अजित पवार 9 विधायकों के साथ एक चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली जा रहे हैं। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को ही अपने आरोपों के लपेटे में लेकर उन्स इस्तीफा माँगा है। महाराष्ट्र में अजित पवार के साथ एनसीपी का एक धड़ा भाजपा से जा मिला और देवेंद्र फडणवीस फिर से मुख्यमंत्री बने। अजित पवार को डिप्टी सीएम का पद मिला। पल-पल बदलते घटनाक्रम में विपक्षी नेताओं ने विधायकों को बरगलाने का आरोप लगाया। कॉन्ग्रेस का आरोप है कि भाजपा उसका विधायकों को प्रलोभन दे रही है।