BIG BREAKING : जानलेवा हुआ CAA का विरोध, मंगलोर में 2 और लखनऊ में 1 प्रदर्शनकारी की मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकियों पर हमला किया, साथ में ही मीडिया की कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इसी बीच भीड़ की हिंसा को दबाने के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है. पुलिस अभी यह नहीं पुष्टि कर रही है कि मौत फायरिंग की वजह से हुई है या नहीं. मारे गए शख्स का नाम मोहम्मद वकील है.

प्रदर्शनकारी युवक के पेट में गोली लगी थी. लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हुसैनाबाद में बवाल के दौरान चली गोली में उसकी मौत हुई. युवक सज्जाद बाग का रहने वाला था.

क्या बोले डीजीपी?

प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, शहर में हालात सामान्य है. प्रदर्शनकारी जहां जुटे थे वहां कुछ घटनाएं सामने आई हैं. प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और मीडिया की गाड़ियों को फूंक दिया. पुलिस ने उन्हें हटाया, इस दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए. स्थिति अब सामान्य है. पुलिस वहां तैनात कर दी गई है. सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे और कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी. हम प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में भरोसा करते हैं. हम हर स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

मंगलोर में 2 प्रदर्शनकारी की मौत

कर्नाटक के मंगलोर में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. इस घटना के बाद मंगलोर में शुक्रवार को स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. मंगलोर पुलिस कमिश्नर डॉ. हर्षा ने मौत की पुष्टि की है. मृतकों के नाम जलील (49) और नौसीन (23) है. इससे पहले पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने पर हमला किया और आग लगा दी. अंत में पुलिस को भी कार्रवाई करनी पड़ी. पहले हवा में गोली चलाई गई. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी हमले करते रहे.

इसी हमले में रंजीत सिंह नाम के पुलिसकर्मी को भी गोली लगी है. रंजीत सिंह को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हिंसक प्रदर्शन में लखनऊ पुलिस के पीआरओ और एसपी को चोटें आई हैं. एडीजी लखनऊ रेंज और आईजी को भी हल्की चोटें आई हैं.

दरअसल लखनऊ के परिवर्तन चौक पर कांग्रेस, वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू और कई अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया. यहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां बरसाईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों की पथराव में एसपी ट्रैफिक के साथ दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

डालीगंज इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पथराव और तोड़फोड़ की. हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान ठाकुरगंज में कथित तौर पर गोलीबार भी हुई है. प्रदर्शन के दौरान दो पुलिस चौकी को भी निशाना बनाया गया. मदेयगंज के बाद ठाकुरगंज स्थित सतखंडा पुलिस चौकी को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दी. चौकी के बाहर खड़े वाहनों को भी फूंक दिया गया. खदरा इलाके में भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई और यहां उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी.