निर्भया मामले में नया मोड़, दूसरे दोषी पवन ने हाई कोर्ट के फैसले को SC में दी चुनौती

नई दिल्‍ली। निर्भया मामले में एक ओर जहां दोषी मुकेश की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हो रही है, वहीं इस बीच मामले में एक और मोड़ आ गया है. चार दोषियों में से एक अन्‍य पवन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी. उसका कहना है कि हाई कोर्ट ने उसकी नाबालिग होने की याचिका खारिज कर दी थी.

वहीं दूसरी तरफ दोषी मुकेश की दया याचिका को राष्‍ट्रपति ने खारिज कर दिया. अब उसके मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हो रही है. जब पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो दिल्‍ली सरकार की तरफ से सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है. किसी दोषी की कोई याचिका कहीं भी लंबित नहीं है. इसलिए नया डेथ वारंट जारी किया जाये. इस पर मुकेश की वकील ने बताया कि वकील को मुकेश से मिलने नहीं दिया जा रहा है. कोर्ट ने तिहाड़ प्रशासन से मुलाकात सुनिश्चित करने को कहा. मुकेश की वकील ने कोर्ट को बताया कि हमें अभी तक इस बात की जानकारी नहीं है कि दया याचिका खारिज हो गयी है. उसके बाद सुनवाई 4:30 बजे तक के लिए टाल दी गई.

इस बीच बीजेपी की वरिष्‍ठ नेता स्‍मृति ईरानी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि निर्भया के दोषियों की फांसी में देरी क्‍यों हो रही है? उन्‍होंने दिल्‍ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्भया केस पर अरविंद केजरीवाल राजनीति कर रहे हैं.

इससे पहले निर्भया केस (Nirbhaya case) में फांसी की सजा पाए दोषी मुकेश सिंह (Mukesh Singh) की दया याचिका (Mercy Petition) राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है. इससे पहले गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने यह या‍चिका राष्ट्रपति को भेजी थी. राष्ट्रपति भवन ने इस फैसले की जानकारी गृह मंत्रालय को भेज दी है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पहले ही साफ कर दिया गया था कि राष्ट्रपति दया याचिका पर फैसला लेने में ज्यादा समय नहीं लगाएंगे. बता दें गुरुवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुकेश की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश गृहमंत्रालय को भेजी थी.

हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी मुकेश की याचिका
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया था. इस मामले में मुकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालत के डेथ वारंट को खारिज करने की मांग की थी. न्यायाधीश मनमोहन और संगीता ढींगरा सहगल की अध्यक्षता वाली अदालत की एक खंडपीठ ने याचिकाकर्ता मुकेश के वकील से ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और ट्रायल कोर्ट को सात जनवरी के आदेश के बाद हाल ही में हुए नए घटनाक्रम से अवगत कराने को कहा. पीठ ने कहा, ‘दया याचिका लंबित होने के बारे में ट्रायल कोर्ट को बताएं.’ मुकेश की ओर से पेश वकील रेबेका जॉन और वृंदा ग्रोवर ने कहा कि वे बहुत जल्द पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

क्यूरेटिव याचिका भी हो चुकी है खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जनवरी) को निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के दोषियों विनय कुमार और मुकेश द्वारा दायर की गई क्यूरेटिव याचिकाओं को खारिज कर दिया था.  इन दोषियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई मौत की सजा पर सवाल उठाते हुए याचिकाएं दायर की थी. ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई मौत की सजा को बाद में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था.