अयोध्या में बड़ी साजिश रच रही ISIS, एजेंट ने CAA प्रोटेस्ट की भी जानकारी आकाओं को भेजी

लखनऊ/अयोध्या। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ अयोध्या को लेकर बड़ी साजिश रच रही है। बनारस में पकड़े गए आइएसआइ एजेंट राशिद से पूछताछ में फैजाबाद मिलिट्री इंटेलीजेंस को मिली जानकारी होश उड़ाने वाली है। राशिद के पास आगरा, बनारस, प्रयागराज व गोरखपुर के प्रमुख स्थलों सहित अयोध्या यलोजोन, फैजाबाद व अमेठी सैन्य इलाके की तस्वीरें मिली हैं। वह रामजन्मभूमि की ओर जाने वाले इंट्री प्वाइंट व अन्य क्षेत्रों की तस्वीरें वह पाकिस्तान भेज चुका है।

पूछताछ में सामने आया है कि राशिद पिछले साल अयोध्या आया था। पोस्टर लगाने के बहाने उसने रेकी की। राशिद के अयोध्या कनेक्शन की जांच एमआइ कर रही है। यही नहीं गत दिनों सूबे में सीएए के विरोध में भड़की ङ्क्षहसा के बारे में भी आइएसआइ ने राशिद से जानकारी ली थी। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें व जानकारियां राशिद ने आइएसआइ को शेयर की हैं। ऐसे में आशंका है कि सीएए के विरोध को लेकर हुए उग्र प्रदर्शन सुनियोजित साजिश का हिस्सा भी हो सकते हैं। राशिद के पास से मिली तस्वीरों को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।

राशिद का पकड़ा जाना निश्चित ही फैजाबाद मिलिट्री इंटेलीजेंस की बड़ी सफलता है। अयोध्या पर सुप्रीम फैसला आने के बाद से ही रामनगरी में हाई अलर्ट है। राशिद जैसे पाकिस्तानी एजेंटों का रामनगरी में आकर गुपचुप रेकी करना आतंकी साजिश की आशंका को और भी पुख्ता करता है। गत नौ नवंबर वर्ष 2019 को अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले से ही आतंकी साजिश बेनकाब होना शुरू हो गई थीं। पांच नवंबर को नेपाल के रास्ते भारत में कुछ संदिग्धों के घुसने और उसके बाद 25 दिसंबर को आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर की अयोध्या को दहलाने की साजिश बेनकाब हो चुकी है। बार-बार मिल रही आतंकी धमकी और उसके बाद राशिद का कबूलनामा बयां करता है कि अयोध्या के लिए लगातार आतंकी सजिश चल रही है।

अयोध्या में आफताब था आइएसआइ का मोहरा 

शहर के खवासपुरा का रहने वाला आफताब यहां आइएसआइ का एजेंट था। मिलिट्री इंटेलीजेंस के सहयोग से यूपी एटीएस ने वर्ष 2017 में उसकी गिरफ्तारी की थी। आफताब भी सेना से जुटी जानकारी आइएसआइ को देता था। राशिद और आफताब के आइएसआइ एजेंट बनने की प्रक्रिया लगभग एक ही तरह की है। दोनों के ही रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। दोनों ही अपने रिश्तेदारों से मिलने गए और आइएसआइ का एजेंट बनकर लौटे।

एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि रामनगरी की सुरक्षा पहले से हाई अलर्ट है। जिला व शहर के इंट्री प्वाइंटों पर नियमित चेङ्क्षकग हो रही है। शहर के प्रमुख स्थानों व भीड़भाड़ वाले इलाकों की सीसी कैमरे से निगरानी की जा रही है।