शाहीन बाग आंदोनल को खड़ा करने में शरजील ने निभाई अहम भूमिका, गिरफ्तारी पर नहीं कोई अफ़सोस

देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाला विवादिल भाषण देकर चर्चा में आए शरजील इमाम ने पुलिस पूछताछ में एक बड़ा खुलासा किया है। पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरने में शरजील ने अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं शरजील इसके बाद देश के 15 छोटे-छोटे शहरों में भी इसी तरह के आंदोलन खड़ा करने की योजना बना रहा था।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में बिहार निवासी शाहीन बाग मास्टरमाइंड शरजील इमाम की देश के खिलाफ जितनी जहरीली बातें हैं, उससे कहीं अधिक जहरीले उसके इरादे हैं। पुलिस कस्टडी में चल रहे शरजील ने पूछताछ में बताया कि वह 13 और 15 दिसंबर को शाहीन बाग गया था, जिसने सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में आंदोलन को खड़ा करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस शरजील को कई स्थानों पर पुष्टि कराने के लिए ले गई। अब पुलिस इस बात की जाँच में जुटी है कि इस आंदोलन को खड़ा करने के लिए शरजील ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था। वहीं चौकाने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर शरजील को कोई अफ़सोस नहीं है।

इतना ही नहीं शरजील ने देश को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसने प्लान तैयार किया था कि सीएए के विरोध में देश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया जाए। इससे पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसके दवाब में आकर सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले लेगी। अग़र इसके बाद भी सरकार नहीं झुकती है तो इसी मौके का फायदा उठाकर उत्तर पूर्व के सात राज्यों को अलग कर दिया जाए। इतना ही नहीं शरजील ने इन सब के लिए पहले से ही रिसर्च कर रखी थी कि कहाँ कितने प्रतिशत हिंदू और कितने प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।

जामिया दिल्ली, एएमयू अलीगढ़, बिहार, पटना आदि में देश विरोधी भाषण देने वाले शरजील अपने भाषणों के जरिए ही युवाओं को बरगलाने की कोशिश करना चाहता था। पुलिस पूछताछ में शरजील ने यह भी बताया कि जामिया नगर में दिए भाषण के दौरान ही PFI के सदस्यों ने उससे संपर्क किया था। इसके बाद से दिल्ली क्राइम ब्रांच इसकी तलाश में जुट गई है कि शरजील का इस संगठन से संबंध क्या है।

बता दें कि एएमयू में सीएए के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में जेएनयू के छात्र और शाहीन बाग के मास्टरमाइंड शरजील इमाम ने देश को तोड़ने वाले भाषण दिए थे। उसने कहा था कि असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे। असम में मुसलमानों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? CAA-NRC लागू हो चुका है वहाँ। डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं और वहाँ तो खैर कत्ले-आम चल रहा है। 6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया वहाँ, हिन्दू हो या मुसलमान। अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपित की पहचान कर ली गई। इतना ही नहीं आरोपित के खिलाफ दिल्ली सहित कई शहरों में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से आरोपित फरार था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद बीते दिनों पुलिस ने उसको बिहार से गिरफ्तार कर लिया। 29 जनवरी को कोर्ट में पेश करने के बाद कोर्ट ने आरोपित को 5 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गौर करने वाली बात यह कि शरजील को अपनी गिरफ्तारी पर कोई अफ़सोस नहीं है क्योंकि वह भारत को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था। शरजील ने यह भी स्वीकार किया कि उसके वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई।