आई वॉच इंडिया और सरिता प्रवाह एग्जिट पोल : आप एक बार फिर बनाएगी दिल्ली में सरकार

रास बिहारी / राजेश श्रीवास्तव
नयी दिल्ली । दिल्ली के विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म हो चुका है। शाम तक हुए मतदान के बाद इस बार 57 फीसद वोट पड़े। जबकि पिछली बार मतदान तकरीबन 67 फीसद रहा था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के साथ ही सामने आए एग्जिट पोल में अरविद केजरीवाल फिर से मुख्यमंत्री बनते दिख रहे हैं। तमाम एग्जिट पोल में भी आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने की बात कही है।
हालांकि पिछली बार की तुलना में उसकी सीटों में जरूर कमी हो सकती है। सरिता प्रवाह ने दिल्ली की 7० सीटों के लिए तकरीबन पांच हजार लोगों से बातचीत की। इन लोगों से रायशुमारी के बाद जो तस्वीर सामने आयी उसके मुताबिक आम आदमी पार्टी को 37 से 42 सीटें तो भाजपा को 16 से 2० सीटें और कांग्रेस को 6 सीटें ही मिलने का अनुमान है।
वर्ष 2०15 के विधानसभा चुनावों में आप ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 7० में से 67 सीटों पर कब्जा किया था। मगर इस बार उसे हमारे सर्वे में 37 से 42 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि बहुमत के लिए 36 सीटों की ही जरूरत है।
दिल्ली के चुनावी प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम केंद्रीय मंत्री उतर आए थे। इसका फायदा इस बार भाजपा को होता दिख रहा है। पिछली बार तीन सीटों तक सिमटने वाली भाजपा को इस बार 2० सीटें तक मिलने का अनुमान है। कांग्रेस की स्थिति में हालांकि इस बार भी कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। उन्हें बमुश्किल एक सीट मिल जाए तो गनीमत होगी।
दिल्ली विधानसभा के चुनाव में आम आदमी पार्टी की भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों से सीधी टक्कर रही। एक-दो सीट पर ही कांग्रेस टक्कर में दिखाई दी।
जबकि अन्य एग्जिट पोल्स के अनुसार, आप को पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में 17 सीटों का नुकसान हो रहा है। उसको 5० सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं बीजेपी को 16 सीटों को फायदा होता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार, बीजेपी को 19 सीटें मिलने का अनुमान है। सर्वे में कांग्रेस को एक सीट का फायदा होने का अनुमान है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था।
आज तक और एक्सिस माई इंडिया के सर्वे में आप को 59 से 68 सीटें, बीजेपी+ को दो से 11 सीटें मिलने का अनुमान है। एग्जिट पोल में इस बार भी कांग्रेस का खाता ना खुलने की उम्मीद है और अन्य को चार से छह सीटें मिलने का अनुमान है।
– न्यूज एक्स के सर्वे में आप को 53 से 57 सीटें, बीजेपी+ को 11 से 17 सीटें और कांग्रेस को शून्य से दो सीटें मिलने का अनुमान है।
– टीवी9 भारतवर्ष-एग्जिट पोल में आप को 51 फीसदी, बीजेपी+ 34 फीसदी, कांग्रेस 9 फीसदी, अन्य 6 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।
– एबीपी और सीवोटर के सर्वे में आप को 42 से 54 सीटें मिलने का अनुमान है। बीजेपी + को चार से 16 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं कांग्रेस+ को शून्य से चार सीटें मिलने का अनुमान है।
-सुदर्शन न्यूज के सर्वे में आप को 4० से 45 सीटें मिलने का अनुमान है। बीजेपी + को 24 से 28 सीटें और कांग्रेस को दो से तीन सीटें मिलने का अनुमान है।
– टीवी9 भारतवर्ष के एग्जिट पोल में आम को 54 सीटें, बीजेपी और उसके सहयोगी को 15 सीटें और कांग्रेस और उसके सहयोगी को एक सीट मिलने का अनुमान है।
– इंडिया न्यूज-नेता के एग्जिट पोल में आप को 53-57 सीटें, बीजेपी और उसके सहयोगी को 11-17 और कांग्रेस और उसके सहयोगी को शून्य से दो सीटें मिलने का अनुमान है।
– रिपब्लिक और जन की बात के एग्जिट पोल में आप को 48 से 61, बीजेपी को नौ से 21 और कांग्रेस को एक सीट मिलने का अनुमान है।
– टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को 44 और बीजेपी को 26 सीटे मिलने का अनुमान है
– आम आदमी पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव में हासिल की गई अद्भुत जीत को दोहराने का विश्वास है जहां उसने 7० में से 67 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। 2०19 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सभी सातों सीटों पर जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी को आप को हराने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस पिछली बार के मुकाबले अपने प्रदर्शन में सुधार लाकर जीत दर्ज करने की कवायद में है। गत विधानसभा चुनाव में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। आप को 2०15 के चुनावों में 54.3 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि भाजपा को 32 प्रतिशत और कांग्रेस को महज 9.6 प्रतिशत वोट मिले थे।
– इस बार जो दिग्गज उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं उनमें मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी की आतिशी और राघव चड्ढा, चार पूर्व महापौर भाजपा के आजाद सिह, योगेंद्र चंदोलिया, रवींदर गुप्ता और खुशी राम तथा दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी शिवानी चोपड़ा शामिल हैं। दिल्ली में 2,689 स्थानों पर कुल 13,75० मतदान केंद्र हैं।
– चुनाव आयोग ने 516 स्थानों और 3,7०4 मतदान बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा और वहां अर्द्धसैनिक बलो को तैनात किया गया। प्रत्येक मतदान स्टेशन पर वेबकास्टिंग के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। निर्विघ्न चुनाव के लिए पुलिस ने लगभग 4०,००० सुरक्षाकर्मी, 19,००० होमगार्ड्स और केंद्रीय सैन्य पुलिस बल की 19० कंपनियां तैनात की हैं।
– दिल्ली चुनाव मैदान में उतरे 668 उम्मीदवारों का भविष्य अब ईवीएम में कैद हो गया। वोटिग पर नजर डाले तो शुरुआत धीमी रही। सुबह 11 बजे तक 7.5 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। हालांकि दोपहर बाद मतदान की रफ्तार बढ़ने लगी थी। दोपहर तीन बजे तक 3०.18 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। जबकि शाम चार बजे तक 42.7 फीसदी जबकि पांच बजे तक 44.52 फीसदी वोटिग दर्ज हुई।
उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट की विधानसभा सीटें
रोहिणी- घिर गए भाजपा के विजेंद्र गुप्ता कांग्रेस ने सुमेश गुप्ता और आप ने राजेशनामा बंशीवाला को अपना उम्मीदवार बनाया। भाजपा से मौजूदा विधायक विजेंद्र गुप्ता दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं। कांटेदार टक्कर के बावजूद भाजपा यह सीट जीतेगी।
नरेला: आप से उम्मीदवार शरद चौहान, कांग्रेस से सिद्धार्थ कुंडू और भाजपा से नीलदमन खत्री मैदान में हैं। आम आदमी पार्टी ने शरद को दूसरी बार मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में शरद चौहान ने करीब 41 हजार वोट से नीलदमन को हराया था। भाजपासे सीधे मुकाबले में आप भारी दिखाई दे रही है।
मुंडका: आप से धर्मपाल लाकड़ा, कांग्रेस से नरेश कुमार और भाजपा से मास्टर आजाद मैदान में हैं। पिछले चुनाव में आप से जीते सुखवीर सिह दलाल का टिकट काटकर धर्मपाल लाकड़ा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने फिर से मास्टर आजाद को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा सांसद प्रवेश सिह के चाचा आजाद सिहं की तीसरी बार हार होगी।
सुल्तानपुर माजरा: आप ने मुकेश कुमार अहलावत, भाजपा ने रामचंद्र चावड़िया, कांग्रेस ने जयकिशन को उम्मीदवार बनाया है। साल 2०15 में आप से उम्मीदवार संदीप ने कांग्रेस के जयकिशन को हराया था। इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया है। कांग्रेस का गढ़ रही सीट जयकिशन एक बार फिर मैदान में हैं। जयकिशन तीन बार जीते हैं और एक बार उनकी प’ी विधायक रही। भाजपा कभी नहीं जीत पाई।
रिठाला: पिछले चुनाव में जीते आप के मोहिदर फिर से मैदान में हैं। भाजपा से मनीष चौधरी, कांग्रेस से प्रदीप कुमार पांडेय मैदान में हैं। आप और भाजपा में कांटे की टक्कर है।
बादली: आप ने पिछली बार जीते चुके अजेश यादव को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने विजय भगत और कांग्रेस ने पूर्व विधायक देवेन्द्र यादव को उम्मीदवार बनाया है। पूर्वांचल और यादव मतदाताओं के असर वाली सीट पर तीनों दलों में टक्कर है।
किराड़ी: भाजपा ने भी किराड़ी से पूर्व विधायक अनिल झा, कांग्रेस के गठबंधन के सहयोगी राजद ने रियाजुद्दीन खान को उम्मीदवार बनाया है। पूर्वांचली मतदाताओं के असर वाली सीट पर आप के विधायक ऋतुराज झा मैदान में हैं। भाजपा और आप में टक्कर में है।
बवाना: सुरक्षित सीट से भाजपा ने रविद्र कुमार, कांग्रेस ने पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार और आप ने बसपा छोड़कर आप में शामिल होने वाले निगम पार्षद जय भगवान उपकार को उम्मीदवार बनाया है। आप के खाते में सीट जाती दिखाई दे रही है।
मंगोलपुरी: आरक्षित सीट से दो बार जीत चुकी राखी बिडलान आप की उम्मीदवार है। लोकसभा का चुनाव लड़ चुके राजेश लिलोठिया कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। 2०13 के बाद से इस सीट पर आम आदमी का कब्जा है। भाजपा ने यहां से करम सिह कर्मा को टिकट दिया है। लिलोठिया पटेल नगर से पूर्व विधायक रह चुके हैं। आप की जीत तय है।
नांगलोई जाट: आप से रघुविद्र शौकीन, भाजपा से सुमन लता और कांग्रेस से मनदीप सिह इस सीट से आमने-सामने हैं। पिछले चुनाव में आप के रघुविद्र शौकीन ने भाजपा के मनोज कुमार शौकिन को हराया था। आप की जीत तय मानी जा रही है।
पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट की विधानसभा सीटें
पटपड़गंज: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तीसरी बार इस सीट से चुनाव मैदान में हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पहाड़ी मतदाताओं को देखते हुए भाजपा ने रवि नेगी को मैदान में उतारा है। दो बार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे लक्ष्मण रावत को उम्मीदवार बनाया गया है। सिसोदिया सब पर भारी हैं।
ओखला: इस सीट पर शाहीन बाग के आसपास पूरा चुनाव प्रचार सिमटा रहा। आप ने मौजूदा विधायक अमानतुल्लाह खान और कांग्रेस मे पूर्व विधायक और राज्यसभा सांसद रहे परवेज हाशमी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा से ब्रह्म सिह अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुकाबला आप और कांग्रेस में है। भाजपा यहां हमेशा हारती रही है।

जंगपुरा- तीन बार विधायक रहे तरविदर सिह मारवाह कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। मारवाह के मुकाबले में पिछली बार जीते आप के प्रवीण कुमार हैं। भाजपा ने इमप्रीत सिह बख्शी को मैदान में उतारा है। भाजपा यहां से भी कभी नहीं जीती।

त्रिलोकपुरी: इस सुरक्षित सीट से पिछली बार जीते राजू धींगान की जगह आप ने रोहित महरोलिया को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने पूर्व विधायक सुनील वैद्य की प’ी किरण वैद्य को उतारा है। कांग्रेस ने विजय कुमार पर बाजी लगाई है। 2०13 के बाद से यहां पर आप का अपना कब्जा है। 1975-76 में विस्थापित लोगों को त्रिलोकपुरी में बसाया गया था। कांग्रेस चार बार और भाजपा एक बार जीती है।

कोंडली: आप ने मौजूदा विधायक मनोज कुमार की जगह कुलदीप कुमार को टिकट दिया है। भाजपा ने राज कुमार ढिल्लो और कांग्रेस ने अमरीश गौतम को उतारा है।

लक्ष्मी नगर विधानसभा सीट से आप के मौजूदा विधायक नितिन त्यागी के मुकाबले भाजपा क उम्मीदवार अभय कुमार वर्मा और कांग्रेस हरिदत्त शर्मा उम्मीदवार हैं। आप की बढ़त बनी हुई है। विश्वास नगर से भाजपा के मौजूदा विधायक ओपी शर्मा का मुकाबला आप के दीपक सिगला में मुकाबला है।

पश्चिम दिल्ली लोकसभा
द्बारका सीट पर आप ने अपना उम्मीदवार बदल दिया। यहां से विनय मिश्रा आप के उम्मदीवार हैं। कांग्रेस से आदर्श शास्त्री मैदान में हैं। आदर्श पिछली बार आप की टिकट पर जीते थे। आदर्श के कारण यहां कांग्रेस टक्कर में हैं। भाजपा ने प्रद्युम्न राजपूत को टिकट दिया है।

जनकपुरी: भाजपा की गढ़ रही इस सीट पर पहली बार 2०15 में भाजपा को यहां से हार मिली थी। इस बार पार्टी ने आशीष सूद को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की राधिका खेड़ा भी कड़ी टक्कर देने की पूरी कोशिश में जुटी हैं। आप ने विधायक राजेश ऋषि को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की बढ़त दिखाई दे रही है।

विकासपुरी में त्रिकोणीय मुकाबला दिख रहा है। दो बार जीते आप के उम्मीदवार महेंद्र यादव की इलाके में पकड़ है। भाजपा ने संजय सिह को उम्मीदवार बनाकर बाजी पटलने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने पूर्व विधायक मुकेश शर्मा पर दांव खेला है। आप की बढ़त दिखाई दे रही है।

हरिनगर: अकाली की परंपरागत सीट पर इस बार भाजपा ने तेजेंद्र पाल सिह बग्गा को टिकट दिया है। आप ने अपने पुराने विधायक की जगह नए उम्मीदवार राजकुमारी ढिल्लों को मौका दिया है। कांग्रेस ने सुरेंद्र सेतिया को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा और आप में मुकाबला है।

तिलक नगर से आप के नेता जरनैल सिह का दावा मजबूत दिख रहा है। सिख और पंजाबी बहुल इस इलाके में भाजपा ने राजीब बब्बर को उम्मीदवार बनाया है और कांग्रेस के टिकट से गुरुद्बारा कमिटी के मेंबर रमिदर सिह स्वीटा मैदान में है। आप की बढ़त बनी हुई है।

नजफगढ़ से आप के उम्मीदवार कैलाश गहलौत को भाजपा के अजीत खरखरी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कांग्रेस उम्मीदवार साहिब सिह के आने से मुकाबला और कड़ा हो गया है। इस सीट पर कभी किसी उम्मीदवार ने दोबारा जीत हासिल नहीं की है।

मटियाला से आप उम्मीदवार गुलाब सिह यादव के सामने भाजपा के उम्मीदवार राजेश गहलोत खड़े हैं। दोनों में कांटे की टक्कर है। कांग्रेस के सोमेश शौकीन के आने से वोटर इधर-उधर होने की संभावना भी है।

उत्तम नगर से आप के उम्मीदवार नरेश बाल्यान के सामने भाजपा ने भी अपने तगड़े उम्मीदवार कृष्ण गहलोत को मैदान में उतारा है। राजद के शक्ति कुमार बिश्नोई भी मैदान में हैं।

राजौरी गार्ड से आप की ए धनवंती चंदीला को भाजपा के रमेश खन्ना कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अमनदीप सिह सूदन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। पिछली बार आप जीती थी।

मादीपुर से आप उम्मीदवार गिरीश सोनी को भाजपा के उम्मीदवार ओम प्रकाश सांकला कड़ी टक्कर देते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से यहां जय प्रकाश पंवार मैदान में हैं।

दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट
पालम में आप से भावना गौड़, भाजपा से विजय पंडित और कांग्रेस निर्मल सिह मैदान में है। इस सीट पर 1993 में सिर्फ एक बार कांग्रेस जीती थी। साल 2००3 से 2०13 तक भाजपा के उम्मीदवार धर्म देव सोलंकी जीते। मगर साल 2०15 में भाजपा के गढ़ में आप की उम्मीदवार भावना गौड़ भारी मतों से जीतीं।

अंबेडकर नगर में आप से अजय दत्त, भाजपा से खुशी राम और कांग्रेस से युदराज चौधरी खड़े हुए हैं। इस सीट पर तीनों उम्मीदवारों के बीच टक्कर देखने को मिल रही है। आप की बढ़त दिखाई दे रही है।

बिजवासन में भाजपा से सतप्रकाश राणा, आप से बीएस जून और कांग्रेस के प्रवीण राणा चुनावी मैदान में हैं। यहां पर भाजपा ने अपने पूर्व विधायक को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने पूर्व मेयर और पार्षद को मैदान में है। भाजपा की बढ़त बनी हुई है।

देवली में आप के प्रकाश जारवाल, भाजपा से अरविद कुमार और कांग्रेस से अरविदर सिह हैं। आप और कांग्रेस के बीच टक्कर देखने को मिल रही है।

छतरपुर में भाजपा से ब्रह्म सिह तंवर, आप से कतार सिह तंवर और कांग्रेस से सतीश लोहिया को टिकट मिला है। आप और भाजपा में टक्कर है।

कालकाजी सीट से आप ने आतिशी को यहां से उतारा है। कांग्रेस की उम्मीदवार शिवानी चोपड़ा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक चुके सुभाष चोपड़ा की बेटी हैं। भाजपा के धरमबीर सिह दोनों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

बदरपुर से पिछली बार जीते नारायमदत्त शर्मा का टिकट काटकर आप ने राम सिह नेताजी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा से रामवीर सिह बिधूड़ी मैदान में हैं।कांग्रेस से प्रमोद कुमार यादव मैदान में हैं। टककर दोनो पुराने प्रद्बितन्दी रामसिह और बिधूड़ी में हैं।

महरौली में आप के नरेश यादव का भाजपा की कुसुम खत्री से मुकाबला है। कांग्रेस ने युवा उम्मीदवार महेंदर चौधरी को खड़ा किया है। झुग्गियां और अनधिकृत कॉलोनियां में आप की पकड़ अच्छी है।

संगम विहार से भाजपा ने जेडीयू के टिकट पर पूर्व भाजपा विधायक एससीएल गुप्ता को खड़ा किया है। कांग्रेस उम्मीदवार पूनम आजाद आप का मुकाबला कर रही है।

तुगलकाबाद से आप के उम्मीदवार और विधायक पहलवान सहीराम मैदान मेँ है। उन्हें मुकाबला दे रहे हैं भाजपा उम्मीदवार विक्रम बिधूड़ी। विक्रम साउथ दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी के भतीजे हैं, इलाके में बतौर गुर्जर उम्मीदवार उनकी पहचान है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली
गोकलपुर में आप ने मौजूदा विधायक फतेह सिह का टिकट काटकर चौधरी सुरेंद्र को मैदान में उतारा है। फतेह सिह एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने इसी सीट पर पूर्व विधायक रंजीत कश्यप पर दांव खेला है। कांग्रेस पार्टी ने डॉक्टर एसपी सिह को टिकट दिया है। फतह सिह भाजपा के विधायक रहे हैं।

सीमापुरी सीट से आप के उम्मीदवार राजेंद्र पाल गौतम को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने अपने 3 बार के विधायक वीर सिह धिगान को मैदान में उतारा है। भाजपा गठबंधन की तरफ से लोक जनशक्ति पार्टी ने संतलाल चावरियों को मैदान में उतारा है। मुकाबला कांग्रेस और आप में है।

बाबरपुर से आम आदमी पार्टी ने मौजूदा विधायक गोपाल राय, भाजपा ने 4 बार के विधायक रहे नरेश गौड़ को मैदान में उतारा है। कांग्रेस पार्टी ने 2 अनुभवी नेताओं को टक्कर देने के लिए अन्वीक्षा त्रिपाठी जैन के रूप में नए चेहरे पर भरोसा जताया है। आप और भाजपा में मुकाबला है।

रोहताश नगर से आम आदमी पार्टी ने सरिता सिह, भाजपा ने जितेंद्र महाजन और कांग्रेस पार्टी ने विपिन शर्मा को मैदान में उतारा है। तीनों में मुकाबला है। विपिन शर्मा यहां से विधायक रहे हैं। उनके पिता रामबाबू शर्मा भी यहां से विधायक रहे।

तिमारपुर से आप ने मौजूदा विधायक पंकज पुष्कर का टिकट काटकर पार्टी के प्रदेश संयोजक और लोकसभा चुनाव लड़ चुके दिलीप पांडेय को मैदान में उतारा है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व निगम पार्षद अमरलता सांगवान को मैदान में उतारा है। भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आए पूर्व विधायक सुरेंद्र सिह बिट्टू को टिकट दिया है।

सीलमपुर से आप से अब्दुल रहमान, भाजपा से कौशल मिश्रा और कांग्रेस से चौ मतीन मैदान के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई पड़ रहा है। मुस्लिम बहुल सीट पर मुकाबला कांग्रेस और आप के बीच माना जा रहा है। आप की बढ़त बनी हुई है।

मुस्तफाबाद में आप ने हाजी यूनुस, भाजपा ने मौजूदा विधायक जगदीश प्रधान और कांग्रेस ने युवा चेहरे अली मेहंदी पर दांव लगाया है। भाजपा की नजर मुस्लिम वोट के बंटवारे और ध्रुवीकरण पर है।

घोंडा: इस सीट पर आप से मौजूदा विधायक श्रीदत्त शर्मा, कांग्रेस से भीष्म शर्मा और भाजपा से अजय महावर चुनावी मैदान में हैं। इस सीट पर भाजपा की नजर अपने परंपरागत वोट बैंक में बढ़त हासिल करने की है।

करावल नगर: यहां से भाजपा से मोहन सिह बिष्ट, आप से दुर्गेश पाठक और कांग्रेस से अरविद सिह के बीच मुकाबला माना जा रहा है। लेकिन मुख्य लड़ाई आप और भाजपा में है। मोहन सिह बिष्ट पूर्व विधायक रहे हैं। भाजपा की बढ़त बनी हुई है।

‘चांदनी चौक’ लोकसभा
मटियामहल में 1993 से 2०13 तक लगातार इस सीट को जीतते आ रहे शोएब इकबाल इस बार आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हैं। कांग्रेस ने युवा चेहरे मिर्ज़़ा जावेद अली को टिकट दिया है। भाजपा ने पूर्व मेयर रवींद्र गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। आप की बढ़त बनी हुई है।

चांदनी चौक में 1998 से 2०13 तक कांग्रेस के टिकट पर जीतते रहे प्रह्लाद सिह साहनी इस बार आम आदमी पार्टी से मैदान में हैं। उनके सामने कांग्रेस ने पिछली बार आप के टिकट पर चुनाव जीतीं अलका लांबा ने उतारा है। भाजपा ने एक बार फिर से सुमन कुमार गुप्ता पर भरोसा जताया है। इस सीट से सिर्फ एक बार 1993 में भाजपा जीती थी।

सदर बाजार में पिछले दो चुनाव में जीतते आ रहे आप के सोमदत्त शर्मा फिर मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा ने कई बार पार्षद रहे जय प्रकाश को टिकट दिया है। कांग्रेस से सतबीर शर्मा हैं, जो मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

बल्लीमारान में कांग्रेस के हारुन यूसुफ और 2०15 में जीते आप के इमरान हुसैन और भाजपा की लता सोढ़ी उम्मीदवार है। मुकाबला कांग्रेस और आप में हैं।

मॉडल टाउन में भाजपा के कपिल मिश्रा का मुकाबला आप के मौजूदा विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी हैं। कांग्रेस ने यहां से तीन बार विधायक रहे कुंवर करण सिह की बेटी आकांक्षा ओला को टिकट दिया है।

नई दिल्ली लोकसभा

नई दिल्ली से मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल जैसे कद्दावर नेता के खिलाफ भाजपा ने जहां युवा मोर्चे के अध्यक्ष सुनील यादव को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने अपने पुराने कार्यकताã रोमेश सभरवाल को टिकट दिया है। केजरीवाल सब पर भारी हैं।

राजेंद्र नगर में आप ने मौजूदा विधायक की जगह पार्टी के युवा नेता राघव चड्ढा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने भी पूर्व डूसू अध्यक्ष और युवा नेता रॉकी तुसीद को मौका दिया है। भाजपा ने 2०13 में यहां से विधायक रह चुके आरपी सिह पर ही दांव खेला है।

पटेल नगर आरक्षित सीट से कांग्रेस ने कृष्णा तीरथ को टिकट दिया है, जिन्होंने पिछला चुनाव भाजपा से लड़ा था। भाजपा ने युवा नेता परवेश रतन को उतारा है। आप ने मौजूदा विधायक को हटाकर पूर्व विधायक वीणा आनंद के पति राजकुमार पर दांव खेला है।

करोल बाग सुरक्षित सीट से आप ने दो बार के विधायक विशेष रवि को ही फिर मौका दिया है। भाजपा ने योगेंद्र चंदोलिया को मैदान में उतारा है और कांग्रेस से गौरव धानक को मौका दिया है। इस सीट पर लंबे समय तक भाजपा का कब्जा रहा था। भाजपा की बढत बनी हुई है।

मोती नगर से भाजपा ने दो बार विधायक रह चुके सुभाष सचदेवा पर फिर भरोसा जताया है। कांग्रेस ने रमेश कुमार पोपली और आप ने मौजूदा विधायक शिवचरण गोयल को मैदान में उतारा है।