…वो मामला, जिससे ढाई महीने पुरानी ठाकरे सरकार संकट में: NCP और कॉन्ग्रेस के सीनियर नेता हुए नाराज

एल्गार परिषद केस को लेकर राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस (NCP) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि इस मामले की जाँच अब केंद्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है, जिसको लेकर शरद पवार ने उद्धव ठाकरे सरकार की आलोचना की है। शरद पवार का कहना है कि कानून व्यवस्था का मामला राज्य का है और राज्य सरकार को केंद्र के ऐसे निर्णय का समर्थन नहीं करना चाहिए।

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शरद पवार ने इस मसले पर खुलकर बात की। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जाँच को राज्य से वापस अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया। शरद पवार का कहना है कि भीमा कोरेगाँव मामले में महाराष्ट्र सरकार कुछ एक्शन लेने वाली थी, इसलिए केंद्र ने एल्गार परिषद के मामले को अपने हाथ में ले लिया।

एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा, “मामले की जाँच NIA को सौंपकर केंद्र सरकार ने ठीक नहीं किया और इससे भी ज्यादा गलत बात यह हुई कि राज्य सरकार ने इसका समर्थन किया।” गौरतलब है कि एनसीपी, शिवसेना के नेतृत्व वाले महा विकास आघाड़ी सरकार की सहयोगी है और इसके नेता अनिल देशमुख राज्य के गृहमंत्री हैं।

बता दें कि शरद पवार इस मामले की स्वतंत्र जाँच की माँग उठा चुके थे। शिवसेना के साथ सरकार बनने के बाद इसकी संभावना भी दिखने लगी थी, मगर अचानक से महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में यू टर्न ले लिया और पुणे की कोर्ट ने मामला NIA कोर्ट के सुपुर्द कर दिया। इस कदम के बाद अब गृह मंत्री अनिल देशमुख कह रहे हैं कि इस पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री का ही होता है। हालाँकि एनसीपी प्रमुख इसको लेकर काफी खफा हो गए हैं।

वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता भी एल्गार परिषद केस की जाँच को लेकर अपने आलाकमान पर निशाना साध रहे हैं। कॉन्ग्रेस नेता संजय निरुपम पहले NPR को लेकर ट्वीट करते हुए पार्टी में कनफ्यूज बताया था और फिर उसके बाद उन्होंने एल्गार परिषद केस को लेकर भी इसी तरह की कनफ्यूजन की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस को एनसीपी SIT से जाँच करवाना चाहती है। केंद्र सरकार ने इसे NIA को सौंप दी है और महाराष्ट्र के सीएम (शिवसेना) भी बीजेपी के लाइन पर चलते हुए इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। क्या दिल्ली में कॉन्ग्रेस नेतृत्व को इसकी जानकारी है?

Sanjay Nirupam

@sanjaynirupam

Similar confusion is over Elgaaar Parishad case ( Home dept )wanted state police to investigate the matter.
Central Govt ordered to take over the case.
CM of Maharashtra ( Shivsena ) followed line & give NOC to .
Is leadership in Delhi aware of it ? https://twitter.com/sanjaynirupam/status/1228201723480567808 

Sanjay Nirupam

@sanjaynirupam

Total confusion!
Sri @PChidambaram_IN wants #NPR to be opposed. For that purpose, he gave some tips to #JNU students.
In Maharashtra, where we are sharing power with #Shivsena the govt has announced to implement #NPR from 1st May to 15th June.
Is leadership in Delhi aware of it ? https://twitter.com/tv9gujarati/status/1227978097359589381 

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संजय निरुपम की बातों से साफ मतलब निकलता है कि अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो क्यों नहीं है? क्या वे सत्ता में नहीं हैं? या फिर उनका इस गठबंधन में कोई अस्तित्व ही नहीं है कि वो इन्हें कुछ बताना या फिर इस पर सलाह-मशविरा करना जरूरी नहीं समझते? और यदि कॉन्ग्रेस को इस बात की जानकारी है फिर वो गठबंधन में क्या कर रहे हैं? एक तरफ वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम NPR का विरोध करने की बात कह रहे हैं और महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने एक मई से 15 जून के बीच NPR कराने का ऐलान किया है। या तो पार्टी टोटल कनफ्यूज है या फिर अब इनकी प्रासंगिकता ही इतनी रह गई है।