अलीगढ़: हिन्दुओं के घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर, जुमे की नमाज से पहले 4000 को नोटिस

लखनऊ/अलीगढ़। अलीगढ़ में 23 फरवरी 2020 को सीएए विरोधियों ने जमकर हिंसा की थी। उपद्रव के बाद जुमे की पहली नमाज आज (फरवरी 28, 2020) है। इस नमाज को अमन-चैन से कायम कराने के लिए प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। चार हजार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का भारी-भरकम फोर्स लगाया गया है। पुलिस ने 4000 लोगों को निषेधात्मक नोटिस भी जारी किया है। इनलोगों को चेतावनी दी गई है कि शहर में किसी तरह की कोई अप्रिय घटना हुई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही पुलिस ने CrPc की धारा 110 (G) के तहत 200 लोगों को नोटिस भेजा और 50 लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट में नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा शाहजमाल, जमालपुर और जीवनगढ़ क्षेत्र के लाइसेंस के साथ हथियार रखने वाले 100 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि अगर वो विरोध-प्रदर्शन वाले स्थानों पर पकड़े जाते हैं, तो उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। बता दें कि शाहजमाल, जमालपुर और जीवनगढ़ में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

अलीगढ़ के एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि 2000 असामाजिक तत्वों को ‘रेड नोटिस’ जारी किया गया और 2000 अन्य को CrPc की धारा 107/116 के तहत नोटिस जारी करते हुए उस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, जिसमें लिखा गया था कि वो शहर की शांति को भंग करने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट पर थी।

एसएसपी ने आगे बताया कि जुमे की नमाज को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। जिसमें PAC की नौ कंपनियाँ और RAF की चार कंपनियाँ शामिल हैं। इन कंपनियों में तीन एडिशनल एसीपी के साथ ही 8 डिप्टी एसपी होंगे। इसके अलावा अलीगढ़ में एहतियात के तौर पर पहले से ही पड़ोसी जिलों के 8 स्टेशन हाउस अधिकारी (SHO) तैनात किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि संवेदनशील इलाकों में पड़ने वाले पुलिस स्टेशनों पर गैर-घातक हथियार वितरित किए गए हैं। जिसमें दंगा-रोधी बंदूकें, आँसू गैस की बंदूकें और आँसू गैस के ग्रेनेड आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके क्षेत्र में किसी तरह की कोई हिंसा होती है तो वो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस ने शहर में 8 स्थानों की पहचान की है जो संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं और शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें आयोजित करते हैं।

ANI UP

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Suspension of mobile internet services in Aligarh district extended till 28th February 12 AM, to maintain law and order situation there.

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मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले नमाजियों के आवागमन व धार्मिक स्थलों की निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन कैमरे व सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी होगी। शहर का माहौल बिगाड़ने वालों के मंसूबे पूरे नहीं होने देंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने व सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की। शहर में सुरक्षा-व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। मजिस्ट्रेटों के साथ भारी पुलिस फोर्स तैनात है। किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी। इंटरनेट प्रतिबंध को शुक्रवार (फरवरी 27, 2020) रात 12 बजे तक बढ़ाया गया है।

विवार की हिंसा के बाद से लोग काफी दहशत में हैं। सदर क्षेत्र के बाबरी मंडी में कुछ लोगों ने अपने घर के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए। हालॉंकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा का भरोसा दिलाए जाने के बाद पोस्टर हटा लिए गए। दंगाइयों ने लोगों के घरों में भी घुसने की कोशिश की थी। बाबरी मंडी चौकी में पुलिसकर्मियों को भी घेर लिया था। इसके बाद यहॉं रहने वाली सावित्री, सुधा, द्वारिका प्रसाद, नेहा गुप्ता समेत कई लोगों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए। कुछ लोग घर बंद कर बाहर जा चुके हैं।