दिल्ली में ‘योगी मॉडल’ लागू करने की तैयारी में पुलिस, दंगाइयों से वसूला जाएगा जुर्माना: सूत्र

नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा (Delhi violence) में 44 लोगों की मौत हुई. आगजनी हुई. मकान, दुकान, स्कूल, सब कुछ जला दिया गया. बड़ी तादाद में परिवार सड़क पर हैं. सवाल ये है कि आखिर इसकी भरपाई कैसे होगी? तो अब केंद्र सरकार दिल्ली हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दंगाइयों से पैसा वसूल वाले फॉर्मूले से करने की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस (Delhi Police) निजी और सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाने वाले दंगाइयों से जुर्माना वसूल करने जा रही है और ऐसा न करने पर दंगाइयों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है.

दिल्ली में दंगे का पंगा अब पड़ेगा महंगा
सूत्रों के मुताबिक सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी. दिल्ली पुलिस दंगाइयों से जुर्माना वसूल करने की तैयारी कर रही है. जुर्माना नहीं देने पर दंगाइयों की संपत्ति कुर्क की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट से एक क्लेम कमिश्नर नियुक्ति करने की गुजारिश की है. तस्वीर, ड्रोन कैमरों से मिले ब्योरे,सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के आधार पर वसूली की जाएगी. SIT, स्थानीय पुलिस को नुकसान का ब्योरा जुटाने को कहा गया है. नुकसान का ब्योरा जुटाने में नगर निगम अधिकारी SIT, पुलिस की मदद करेंगे. ब्योरा मिलने के बाद क्लेम कमिश्नर के निर्देश पर वसूली शुरू होगी.

दिल्ली हिंसा में कितना नुकसान?
25000 करोड़ का कुल नुकसान (स्रोत-DCC प्रोजेक्ट)
500 वाहन जलाए गए (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)
92 घर जलाए गए (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)
57 दुकानों में आग लगाई गई (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)
6 गोदाम जलाए गए (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)
2 स्कूल जलाए गए (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)
4 फैक्ट्रियों में आग लगाई गई (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)
4 धार्मिक स्थल जलाए गए (स्रोत- मीडिया रिपोर्ट)

यूपी में दंगे की वसूली का ‘योगी मॉडल’
नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने वाले दंगाइयों की पहचान की गई. सीसीटीवी, वीडियो फुटेज और फोटो से दंगाइयों की पहचान की गई. यूपी के अलग-अलग जिलों में दंगा फैलाने वालों को वसूली का नोटिस दिया गया है. सरकार का निर्देश- दंगाई नुकसान की भरपाई करें या अपनी संपत्ति गंवाएं. लखनऊ, रामपुर, गाज़ियाबाद समेत कई जिलों में दंगाइयों को वसूली के नोटिस भेजे गए हैं. दंगे के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने छापेमारी की. कई जिलों में वसूली के लिये पुलिस ने दंगाइयों की दुकानें सील कीं. कई जिलों में दंगाइयों की संपत्ति जब्त की गई.