24 गाँव पूरी तरह सील, 26000 लोगों को किया गया क्वारन्टाइन: एक अकेले ‘सुपर स्प्रेडर’ से संक्रमण का खतरा

नई दिल्ली। पंजाब के 24 गाँवों के लगभग 26,000 लोगों को उनके घरों के भीतर क्वारन्टाइन किया गया है, क्योंकि संदेह है कि ये सभी उस 70 वर्षीय बलदेव सिंह नामक व्यक्ति के सम्पर्क में आए थे, जिनके नाम पंजाब के पहले कोरोना संक्रमण के चलते हुई मौत दर्ज है।

बलदेव सिंह नवांशहर जिले के पथलावा नामक गाँव में स्थित गुरूद्वारे में ग्रन्थी थे, जो एक धार्मिक समारोह में भाग लेने के लिए, पड़ोस के गाँव के रहने वाले अपने दो सहयोगियों के साथ, जर्मनी और इटली की यात्रा पर गए थे। सिंह 7 मार्च को कोरोना वायरस से संक्रमित होकर भारत वापस आए। इसके बाद 18 मार्च को उनकी बंगा स्थित सिविल हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में अब तक सामने आए 38 कोरोना पॉजिटिव मामलों में से 28 सीधे तौर पर इसी “सुपर स्प्रेडर” (ऐसा संक्रमित व्यक्ति, जो वायरस के बहुत तेजी से फैलने में सहायक होता है) बलदेव सिंह से जुड़े हुए हैं। अब तक सिंह के परिवार के 14 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें उनके तीनों बेटे, बेटी, बहू और 6 नाती/पोते शामिल हैं। बलदेव सिंह के साथ विदेश गए बाकी दोनों आदमियों के भी पारिवारिक सदस्य कोरोना संक्रमित निकले हैं।

इन तीनों आदमियों को भारत लौटने पर सेल्फ आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई थी, जिसकी धज्जियाँ उड़ाते हुए ये आम दिनों की तरह छुट्टा सांड बन घूमते रहे। यहाँ तक कि बलदेव सिंह ने आनंदपुर साहिब में 10-12 मार्च के बीच आयोजित हुए होला मोहल्ला पर्व में भी शिरकत की, जिसमें इस साल तकरीबन 20 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

वह लोगों के घरों में अरदास करवाने भी जाते रहे थे। कुल मिलाकर नवांशहर जिले के 18 गाँवों और होशियारपुर जिले के 6 गाँवों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। नवांशहर नगर के डिप्टी कमिश्नर विनय बबलानी ने बताया कि वे एक-एक कर के गाँवों को सील कर रहे हैं और सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गाँवों में बिजली, पानी और दूसरी जरूरत के सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित किए हुए हैं।

होशियारपुर जिले के एक अधिकारी के अनुसार जिले के जिन 6 गाँवों को सील किया गया है, उनमें 250 परिवारों के लगभग 1200 लोग रहते हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सिंह के प्रत्यक्ष सम्पर्क में आने वाले 700 लोग इन टोटल क्वारन्टाइन किए गए लोगों में शामिल हैं। इन सील किए गए गाँवों में से लगभग 333 लोगों के स्वैब नमूने भी लिए गए है कोरोना जाँच के लिए, क्योंकि इनमें कोरोना के लक्षण पाए जाने का शक है।