MP: डॉक्टर्स को पीटने वालों की CCTV से पहचान, गैरजमानती वारंट पर होगी गिरफ्तारी, इंदौर में अर्धसैनिक बल तैनात

इंदौर।  देशभर में जारी 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान इंदौर के डॉक्टर्स और पुलिसकर्मियों के साथ संवेदनशील इलाकों में बदसलूकी की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके बाद मध्य प्रदेश में अर्धसैनिक बल तैनात करने की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि इंदौर में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी करने वालों को सीसीटीवी के माध्यम से पहचान लिया गया है और अब अर्धसैनिक बल को तैनात किया जा रहा है। सम्भव है कि दोषियों को गैरजमानती वारंट के अंतर्गत गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश के टाटपट्टी बाखल में कोरोना संदिग्धों की जाँच के लिए जब टीम पहुँची तो डॉक्टरों से बहस के बाद देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। लोगों ने वहाँ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट के साथ-साथ भीड़ ने जमकर पथराव भी किया। इंदौर में मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से बड़े स्तर पर प्रभावित हैं। इस कारण क़रीब एक दर्जन प्रभावित बस्तियों को पूरी तरह से सील किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर प्रशासन ने वहाँ अर्धसैनिक बल की तैनाती करने का निर्णय लिया है। पथराव और हमला करने वालों के वीडियो वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए थे। चश्मदीदों से भी वीडियो में नज़र आने वालों की शिनाख्त करवाई जा रही है।

Nisheeth Sharan@nisheethsharan

Para Military forces to flag march in Indore. All miscreants identified in videos to be arrested in non bailable offence.

Any resistance to be met with inordinate force.

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आज ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक ट्वीट ने भी खलबली मचा दी है। शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्विटर एकाउंट से चेतावनी देते हुए कहा है कि मानवाधिकार सिर्फ मानवों के लिए होते हैं और इसे महज एक ट्वीट समझने की भूल ना करें।

Shivraj Singh Chouhan

@ChouhanShivraj

ये सिर्फ़ एक ट्वीट नहीं है।

ये कड़ी चेतावनी है…

मानवाधिकार सिर्फ़ मानवों के लिए होते है।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अर्धसैनिक बल की पाँच कम्पनी बुलाई गई हैं, जबकि फ्लैग मार्च खजराना में बदसलूकी की पहली घटना के बाद ही जारी करवा दिया गया था और पत्थरबाजी करने वालों में से कुछ की पहचान कर के गिरफ्तारी भी कर दी गई हैं। बाकी की तलाश जारी है।

उल्लेखनीय है कि आज सुबह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीटिंग भी की। तबलीगी जमात के कारनामे के उजागर होते ही कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा अब कई गुना बढ़ चुका है। क्योंकि मरकज में शामिल हुए लोग देश के कई हिस्सों में पहुँच चुके हैं। सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कोई भी लचीला रवैया अपनाने के पक्ष में नजर नहीं आ रही हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस को लेकर जब डॉक्टरों की टीम जाँच के लिए पहुँची तो उन पर हमला कर दिया गया। यही नहीं, स्वास्थ्यकर्मियों के ऊपर थूकने के साथ-साथ उन पर पथराव भी किया गया। इंदौर के टाटपट्टी बाखल में बुधवार को कोरोना संक्रमितों की जाँच करने पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर लोगों ने पथराव कर दिया जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मी वहाँ से जान बचाकर भागे। उपद्रवियों ने बैरिकेड्स भी तोड़ दिए। पुलिस ने इनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज किया है।