Indian Railways ने 5000 बोगियों को आइसोलेशन वार्ड में बदला, हर डिब्बे में रखे जाएंगे 16 कोरोना पीड़ित

नई दिल्ली। रेलवे ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिए 5000 डिब्बों को पृथक वार्ड में तब्दील किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है।

यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी। मंत्रालय ने बताया कि महामारी से निपटने के लिए रेलवे ने 20 हजार डिब्बों को पृथक वार्ड में बदलने का लक्ष्य तय किया है। इनमें से 80 हजार बिस्तरों के साथ पांच हजार डिब्बे तैयार हैं।

डिब्बों को ठंडा रखने पर किया जा रहा विचार

उन्होंने कहा कि इस तरह के डिब्बों में इस्तेमाल के लिए रेलवे चादर भी उपलब्ध करा सकता है लेकिन वे केवल एक बार इस्तेमाल योग्य होंगी। अधिकारी ने कहा कि रेलवे इस पर भी विचार कर रहा है कि गैर वातानुकूलित इन डिब्बों को गर्मी में किस तरह ठंडा रखा जाए।

अधिकारियों ने कहा कि रेलवे के अंदर चर्चा चली कि क्या लाइफ लाइन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलाई जा सकती हैं जहां डॉक्टर हर तरह के रोगियों की देखभाल करें या दुर्घटना राहत रेलगाड़ी जैसी व्यवस्था हो जो ऑपरेशन थिएटर से लैस होती हैं। बहरहाल बाद में इस तरह का विचार त्याग दिया गया क्योंकि इस तरह की व्यवस्था करने में ज्यादा समय लगता।

अभी जो व्यवस्था की गई है उसमें हर ट्रेन में दस डिब्बे होंगे और हर डिब्बे में 16 रोगियों को रखने की क्षमता है। अधिकारियों ने कहा कि इन ट्रेनों में चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्साकर्मियों के लिए एक वातानुकूलित डिब्बा भी जोड़ा जा सकता है।