जमातियों की जानकारी छुपा रही ममता सरकार!, सेंट्रल टीम की चिट्ठी का नहीं दिया जवाब

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कोरोना (Coronavirus) की स्थिति की समीक्षा करने के लिए राज्य के दौरे पर पहुंची केंद्र सरकार की एक टीम ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार आवश्यक सहायता और अन्य जरूरी सूचनाएं देने में सहयोग नहीं कर रही है.

वरिष्ठ अधिकारी अपूर्व चंद्रा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम ने मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को लिखे एक पत्र में यह भी जानने की इच्छा जताई कि दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में तबलीगी जमात (Tablighi) के कार्यक्रम में शामिल होकर राज्य में लौटे व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें पृथक-वास में भेजने के लिए ममता बनर्जी सरकार ने क्या किया.

चंद्रा ने कहा कि टीम सोमवार को शहर में पहुंच गई थी लेकिन सिन्हा को लिखे पत्रों का जवाब अभी तक राज्य सरकार की ओर से नहीं मिला है. उन्होंने शनिवार को सिन्हा को लिखे दो पत्रों में से एक में कहा, “अभी तक राज्य सरकार को चार पत्र लिखे जा चुके हैं जिसका कोई जवाब नहीं मिला है.

मीडिया में आई खबरों के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने कहा है कि अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम कहीं भी जाने को स्वतंत्र है और राज्य सरकार उसके साथ जाकर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहती.” चंद्रा ने कहा, “इस प्रकार की प्रतिक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश का उल्लंघन है और राज्य सरकार से आवश्यक सहायता और सुविधा अपेक्षित है.”

कोरोना वायरस (Coronavirus) के हालात का जायजा लेने के लिए उत्तर बंगाल पहुंची केंद्र की एक टीम ने पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखकर उत्तर बंगाल में लॉकडाउन का और सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा. दो केन्द्रीय टीमें राज्य के दौरे पर हैं. एक टीम कोलकाता और दूसरी उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी का दौरा कर रही हैं.

उत्तर बंगाल का दौरा कर रही टीम ने मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को पत्र लिखकर कहा कि हालात पर नजर रखने और सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदम कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं, इन बातों की जानकारी देने के लिए और फील्ड अधिकारियों की जरूरत है.

इस टीम की अगुवाई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनीत जोशी कर रहे हैं. जोशी ने अपने पत्र में कहा,‘‘तत्काल कदम के तौर पर यह सुझाव दिया जाता है कि महामारी को और आगे फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन का और सख्ती से पालन होना जरूरी है. हालत पर नजर रखने और सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदम कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं, इन बातों की जानकारी देने के लिए और फील्ड अधिकारियों को तैनात करने की जरूरत है.’’

उन्होंने सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त के साथ बैठक की भी मांग की ताकि उत्तर बंगाल में कोविड-19से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों के बारे में सूचना जुटाई जा सके.