केरल सचिवालय में वहीं लगी आग जहाँ थे गोल्ड स्मगलिंग काण्ड के साक्ष्य, सबूत मिटाने की होगी कोशिशें, कहा था विपक्ष ने

तिरुवनंतपुरम में केरल सचिवालय में मंगलवार (अगस्त 25, 2020) को आग लग गई, जिसे विपक्ष ने ‘सोने की तस्करी मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने की साजिश’ कहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने केरल सरकार के खिलाफ सचिवालय के समक्ष धरना दिया। 5 जुलाई को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से 30 किलोग्राम सोना जब्त होने के बाद से केरल सोना तस्करी कांड गर्माया हुआ है।

केरल के भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि यह सुनियोजित तोड़फोड़ और सोने की तस्करी मामले में मंत्रियों की भागीदारी को छिपाने का एक प्रयास था। रहस्यमयी तरीके से लगी इस आग को साजिश बताने के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को विरोध प्रदर्शन के बाद मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कहा, “लोकतंत्र का कत्लेआम किया गया है।” उनकी पार्टी के प्रदर्शनकारी नेताओं ने आग प्रभावित क्षेत्रों की फोरेंसिक जाँच की माँग की है।

रिपोर्ट के अनुसार, सचिवालय में लगी आग पर नियंत्रण पा लिया गया था, लेकिन इससे पहले कई फाइलें नष्ट होने की सूचना सामने आई हैं, जिसके कारण कई विपक्षी नेताओं को साजिश का संदेह हुआ है। सचिवालय में हाउसकीपिंग सेल के अतिरिक्त सचिव पी हनी ने कहा कि एक कंप्यूटर के शॉर्ट सर्किट से लगी आग से गोल्ड तस्करी मामले की जाँच कर रहे प्रोटोकॉल अधिकारी के कार्यालय को नुकसान हुआ है।

मौके पर अग्निशमन कर्मियों के आने तक, कांग्रेस और भाजपा ने इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। मुख्य सचिव विश्वास मेहता घटनास्थल पर पहुँचे और उन्होंने इस घटना की विस्तृत जाँच का आश्वासन दिया। हालाँकि, एक टीवी चैनल से उन्होंने कहा कि कोई महत्वपूर्ण फाइल नष्ट नहीं हुई हैं और वे सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि घटना के समय कार्यालय में केवल दो लोग थे और वे सुरक्षित हैं।

पहले भी लगे हैं सुबूतों को नष्ट करने के आरोप

उल्लेखनीय है कि केरल के विपक्षी नेता रमेश चेन्निथला ने जुलाई 22, 2020 को आरोप लगाया था कि राज्य सरकार सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे बदलकर सोने की तस्करी मामले में सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रही है।

चेन्निथला ने कहा कि सभी सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें मुख्य सचिव भी इसमें शामिल हैं। चेन्नीथला ने सबूतों को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा था, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार सोने की तस्करी से जुड़े सभी सबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए बिजली की गड़गड़ाहट का हवाला देकर सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे बदले गए। हमने हाल ही में कोई गड़गड़ाहट या बिजली की आवाज़ नहीं सुनी है। मुझे वास्तव में शक है। चेन्निथला ने कहा कि सभी सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य सचिव भी इसमें शामिल हैं।”

केरल गोल्ड स्मगलिंग केस

गौरतलब है कि यूएई वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी स्वप्ना सुरेश और दो अन्य लोगों के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में ₹14.82 करोड़ कीमत के 30 किलो गोल्ड स्मगलिंग के हाई प्रोफाइल मामले में केस दर्ज किया गया था। यह घटना 5 जुलाई तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की है।

ED की कस्टडी में स्वप्ना सुरेश ने NIA की पूछताछ में बताया कि विभिन्न बैंकिंग और गैर बैंकिंग चैनल के जरिए निवेश करके इस अपराध को अंजाम दिया गया। एनआईए मामले की जाँच कर रही है।

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