ममता सरकार ने मंदिरों में पूजा कराने वाले पुजारियों के लिए किया अहम फैसला

नई दिल्‍ली। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार सरकार अब हर महीने मंदिरों में पूजा करने वाले पंडितों को 1 हजार रुपये देगी. इस योजना के तहत 8 हजार पंडितों को ये लाभ मिलेगा. ये उसी तरह है, जैसे वक्‍फ बोर्ड सभी इमामों को हर महीने वजीफा देता है. इसके अलावा ऐसे पंडित जिनके पास घर नहीं है, उन्हें बंगाल आवास योजना में शामिल किया जाएगा. राज्‍य के पुरोहितों ने सरकार से जमीन की मांग की थी. जिसमें वे राजरहाट में एक संस्था की स्थापना करेंगे.

एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने ये अहम घोषणा की. इसके अलावा उन्‍होंने कोविड-19, हिंदी दिवस पर भी बात की. उन्‍होंने कहा, ‘कोविड पर ग्‍लोबल एडवाइजरी बोर्ड ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है. वे राज्य में बढ़ती टेस्‍ट की संख्‍या, बेड की संख्‍या से खुश हैं. हम पहले से ज्‍यादा संख्‍या में मुफ्त एंबुलेंस उपलब्‍ध करा रहे हैं. उन्‍होंने दुर्गा पूजा को लेकर भी सुझाव दिए हैं और कहा है कि पूजा के पंडाल खुले हों, ताकि वेंटिलेशन अच्‍छा रहे.’

बीजेपी अध्‍यक्ष घोष को बनाया निशाना 
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के अध्‍यक्ष दिलीप घोष पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा,  ‘कुछ लोग कह रहे हैं कि कोरोना खत्म हो गया है. आपको बता दें, कोरोना खत्म नहीं हुआ है. यह कोरोना का पहला चरण है और इसका दूसरा चरण भी हो सकता है. इसीलिए कोविड के सभी प्रोटोकॉल का सख्‍ती से पालन करें, सैनिटाइजर का उपयोग करें, मास्क पहनें, हाथ धोएं.’

बता दें कि दिलीप घोष ने कहा था कि कोरोना खत्‍म हो गया है, इसी को लेकर ममता ने उन पर टिप्‍पणी की.

उन्‍होंने कोविड रोगियों के बेहतर इलाज के लिए राज्‍य में 20 प्लाज्मा बैंक स्थापित करने की भी बात कही और कहा कि अभी तक राज्‍य में जितनी भी मौतें हुई हैं, उनमें से 86% रोगी अन्‍य बीमारियों के भी शिकार थे.

हिंदी दिवस पर दोहराई हिंदी अकादमी की बात  

बनर्जी ने कहा, ‘आज हिंदी दिवस है, हमारी मातृभाषा बांग्‍ला है लेकिन हम अन्य सभी भाषाओं को भी बराबर सम्मान देते हैं. हमने बंगाली के अलावा, हिंदी, उर्दू, कामतापुरी, राजबंशी, ओल चिकी को भी मान्यता दी है. हमने 2011 में हिंदी अकादमी की घोषणा की थी. अब हम इस पर काम कर रहे हैं. इसके लिए एक समिति का गठन किया गया था.’

दिल्ली दंगों पर भी बोलीं
मुख्‍यमंत्री ने दिल्‍ली दंगों पर भी बात की. कहा, ‘अगर महामारी नहीं हुई होती तो हमें पता चल जाता कि इसके पीछे कौन है. उन्होंने योगेंद्र यादव, सीताराम येचुरी का नाम लिया है. मैंने इस बारे में पढ़ा है. दिल्‍ली दंगों के जो भी आरोपी हैं, उन पर मामले दर्ज होना चाहिए.’

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