पाकिस्तान ने SCO की बैठक में पेश किया ‘गलत नक्शा’: NSA अजीत डोभाल ने बैठक से किया वॉकआउट

नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को शंघाई कोर्पोरेशन आर्गेनाईजेशन (SCO) के तहत हुई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक छोड़ दी। दरअसल, रूस की मेजबानी में हुई इस बैठक में पाकिस्तान ने गलत नक्शा पेश किया था। इसके बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बैठक से वॉक आउट कर दिया। इसके बाद भारत ने बताया कि पाकिस्तान के प्रतिनिधियों की यह हरकत बैठक के नियमों के विरुद्ध है।

इस मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बयान जारी करते हुए कहा, “पाकिस्तान की यह हरकत मेजबान रूस के दिशा निर्देशों का उल्लंघन है। SCO की NSA स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने जानबूझ कर झूठा मानचित्र पेश किया। जिसे पाकिस्तान ने हाल फ़िलहाल में प्रचारित भी किया है। जिसके चलते भारत ने मेजबान रूस से चर्चा करके बैठक से वॉक आउट कर दिया। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बैठक में गलत जानकारी भी साझा की है।” मंत्रालय के अनुसार इस बात की पूरी गुंजाईश थी कि पाकिस्तान इस बैठक में भ्रामक तथ्य प्रस्तुत करेगा।

ख़बरों के अनुसार रूस फेडरेशन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) सचिव निकोलई पेट्रूशेव ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “रूस इस कदम पर पाकिस्तान का समर्थन नहीं करता है। हम इस बात की उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान के इस उकसाने वाले कदम की वजह से भारत की SCO में भागीदारी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ हमारे (पेट्रूशेव) अच्छे रिश्ते हैं, पाकिस्तान की इस हरकत से वह प्रभावित नहीं होंगे। हम आशा करते हैं कि भारत आने वाले समय में होने वाले कार्यक्रमों का भी हिस्सा बना रहेगा।”

पाकिस्तान ने 4 अगस्त को यह नया नक्शा जारी किया था जिसमें उसने लद्दाख, जम्मू कश्मीर और गुजरात के कुछ हिस्सों को अपना हिस्सा बताया था। जबकि SCO में पाकिस्तान का कोई आधिकारिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक नियुक्त नहीं है। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रतिक्रिया जारी करने के ठीक कुछ समय पहले पाकिस्तान के मोइद युसूफ ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया था।

ट्वीट में उन्होंने लिखा था “मेरे भारतीय समक्ष ने रूस और पाकिस्तान के भाषण के बाद वॉक आउट किया, यह बेहद विचित्र था। उस मंच की मूल भावना सहयोग की है लेकिन भारत के ऐसा करने से बुरा प्रभाव पड़ा।” इसके बाद युसूफ ने ट्वीट में लिखा अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से विवादित सीमा (जम्मू कश्मीर) पर एक तरफ़ा और गैर क़ानूनी निर्णय लेने से शांति के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है।

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