चीन पर एक और ‘क्वालिटी अटैक’, इंपोर्टेड LED सामानों पर दिया जोरदार झटका

नई दिल्ली। भारत (India) ने चीन (China) को एक और सबक सिखाने की तैयारी कर ली है. अब देश में इंपोर्ट होने वाले सभी LED उत्पादों की जांच होगी. भारत सरकार चीन से होने वाले इंपोर्ट पर लगाम लगाना चाहती है, ये उसी दिशा में उठाया गया मोदी सरकार का एक सख्त कदम है.

वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले BIS ने देश के बड़े बंदरगाहों जैसे कांडला, पारादीप, कोच्चि, मुम्बई जैसे पोर्ट पर इम्पोर्ट होने वाले LED प्रोडक्ट के जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है. जिसके मुताबिक

चीन पर एक और ‘क्वालिटी’ अटैक
1.
 इंपोर्ट हो रहे कंसाइनमेंट या माल में से किसी भी सैंम्पल को रैंडम या अनियमित तरीके से चुना जाएगा.
2. ऐसे नमूनों को जांच के लिए भारत मानक ब्यूरो (BIS ) की लैब्स में भेजा जाएगा, 7 दिन में जांच पूरी होगी
3. इस बात की जांच की जाएगी कि क्या ये LED प्रोडक्ट सुरक्षा के मापदंडों पर खरे उतरते हैं
4. मापदंडों पर खरे उतरने वाले नमूनों के कंसाइनमेंट्स को ही कस्टम की ओर से क्लियरेंस मिलेगा
5. अगर चुने गए नमूने मापदंडों पर खरे नहीं उतरते, तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा या फिर नष्ट कर दिया जाएगा

भारत के इस कदम से चीन की मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि अगर चीन के घटिया LED कंसाइनमेंट को भारत में एंट्री नहीं मिली तो उसको बड़ी आर्थिक चोट पहुंचना तय है. क्योंकि चीन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक सामानों का बहुत बड़ा मार्केट है. इसको ऐसे समझिए

चीन की कैसे बढ़ेंगी मुश्किलें
1.
 वित्त वर्ष 2020 में चीन से 1900 करोड़ डॉलर से ज्यादा के इलेक्ट्रॉनिक सामानों का इंपोर्ट हुआ
2. चीन से इंपोर्ट होने वाले सामानों में लैंप्स और लाइट फिटिंग के सामान शामिल हैं
3. इंपोर्ट होने वाले लैंम्प्स और लाइटिंग सामानों की कुल वैल्यू 43.6 करोड़ डॉलर रही
4. वैल्यू के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LED मार्केट है, चीन के लिए सबसे बड़ा बाजार

चीन पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों की शुरुआत की है. चीन को सीमा पर सबक सिखाने के साथ साथ उसकी आर्थिक कमर तोड़ने की शुरुआत पहले ही हो चुकी है.

चीन पर ‘कमर्शियल स्ट्राइक’
1. 
लोकल मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए जुलाई में भारत ने चीन से इंपोर्ट हो रहे कलर टेलीविजन पर अंकुश लगाया था
2. राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सरकारी खरीद में चीनी कंपनियों के हिस्सा लेने पर भी रोक लगाई गई
3. अप्रैल में भारत ने अपने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को लेकर भी नियम बदले
4. जिन से भारत की सीमाएं लगती हैं, FDI निवेश से पहले सरकार की मंजूरी जरूरी होगी
5. TikTok और PUBG समेत कई चाइनीज ऐप पर भी भारत ने रोक लगाई

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