राजद्रोह केस में कंगना रनोट और रंगोली चंदेल को मुंबई पुलिस का समन

मुंबई। मुंबई पुलिस ने बुधवार को राजद्रोेह केस में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट और उसकी बहन रंगोली चंदेल को समन जारी कर 26 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज की गई थी। स्थानीय अदालत के आदेश पर मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ शनिवार को एफआइआर दर्ज की गई थी। दोनों बहनों के खिलाफ विभिन्न समुदायों के खिलाफ तनाव भड़काने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं। बांद्रा मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने बॉलीवुड कास्टिंग निर्देशक एवं फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सैयद द्वारा दाखिल कराई गई शिकायत की जांच करने का आदेश दिया है।

मुनव्वर ने रनोट और उनकी बहन के ट्वीट व अन्य बयानों का उल्लेख किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर बांद्रा पुलिस ने रनोट और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ भादवि की धारा 153 ए (दुश्मनी भड़काने), 295 ए (जान-बूझकर धार्मिक भावना भड़काने वाला काम) और 124 ए (देशद्रोह) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआइआर) दर्ज की है। मुनव्वर के वकील के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अभिनेत्री पिछले दो महीने से बॉलीवुड को बदनाम कर रही हैं। ट्वीट और टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने बॉलीवुड को ‘भाई भतीजावाद, पक्षपात का अड्डा’ आदि कहा है।
उन्होंने ट्वीट में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं, जिनसे न केवल उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि कई कलाकारों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। वह कलाकारों को धार्मिक आधार पर बांटने का प्रयास भी कर रही थीं। उनकी बहन रंगोली ने भी सोशल मीडिया पर दो धार्मिक समूहों के बीच सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जायदेव वाई घुले ने शुक्रवार के अपने आदेश में कहा है कि आरोपितों द्वारा प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध किए गए हैं। कोर्ट ने पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने और अभिनेत्री और उनकी बहन के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सभी आरोप इलेक्ट्रानिक मीडिया- ट्विटर और साक्षात्कारों में की गई टिप्पणियों पर आधारित हैं। गहन जांच जरूरी है। शिकायत में कंगना के उस ट्वीट का भी उल्लेख किया गया है जिसमें अभिनेत्री ने मुंबई को पीओके (गुलाम कश्मीर) जैसा बताया था। इस ट्वीट को लेकर महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना के साथ बयानबाजी हुई थी।

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