सरकारी कार्यक्रम में ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ तो ‘जय श्री राम’ से दिक्कत क्यों: Video शेयर कर ममता से BJP ने पूछा

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से सवाल किया है कि जब वे सरकारी कार्यक्रम में इस्लामिक इबादत कर सकती हैं, तो उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने में दिक्कत क्यों होती है?

रविवार (जनवरी 24, 2021) को बंगाल बीजेपी ने वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, “अगर सीएम ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल सरकार के किसी कार्यक्रम में इस्लामिक प्रार्थना कर सकती हैं, तो उन्हें जय श्री राम बोलने में दिक्कत क्यों होती है? तुष्टिकरण? उन्होंने बंगाल को बदनाम किया और नेताजी की जयंती के मौके पर अपने आचरण से नेताजी की विरासत का अपमान किया।”

इस वीडियो में ममता बनर्जी इस्लामिक इबादत करती दिख रही हैं। ये वीडियो कब का है यह साफ़ नहीं है। वीडियो में वह अल्लाह का नाम लेते हुए ला इलाहा इल्लल्लाह… कहती सुनाई पड़ती हैं।

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ.सुरेंद्र जैन ने ट्वीट कर कहा है, “जय श्री राम कहने से पहले केवल रावण अपमानित महसूस करता था। अब सेकुलर माफिया अपमानित होता है। क्या हार का डर इतना हताश कर देता है कि आप देश की आत्मा को अपमानित कर देते हैं? राहुल गाँधी, ममता बनर्जी, शरद पवार राम भारत की आत्मा हैं, जिनके नाम जप से देश को गर्व होता है।”

इससे पहले पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए कहा था, “ममता बनर्जी ने बहुत ही पवित्र मंच पर ‘जय श्री राम’ के नारे पर राजनैतिक एजेंडा सेट किया। हम इसकी निंदा करते है, नेताजी की 125वीं जयंती के मंच जहाँ प्रधानमंत्री उपस्थित हो वहाँ चुनाव को देखते हुए राजनैतिक एजेंडा सेट करना अल्पसंख्यक लोगों को खुश करने की तुष्टिकरण की नीति है।”

गौरतलब है कि शनिवार को पश्चिम बंगाल में नेताजी की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में विक्टोरिया मेमोरियल में पराक्रम दिवस का समारोह चल रहा था। इस मौके पर राज्य की सीएम ममता बनर्जी भी पहुँची थी। जब ममता बनर्जी मंच पर लोगों को संबोधित करने पहुँची, कार्यक्रम स्थल ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूँजने लगा।

जिसके बाद अपनी बौखलाहट भाजपा पर निकालते हुए ममता बनर्जी ने कहा था, “सरकार के कार्यक्रम की गरिमा होनी चाहिए। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। आपको किसी को आमंत्रित करने के बाद उसकी बेइज्‍जती करना शोभा नहीं देता है। विरोध के रूप में मैं कुछ भी नहीं बोलूँगी।”

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