सावधान फिर लगसकता है लाक-डाउन, मुंबई में तेजी से बढ़ रहे कोरोना केसेस, फिर आ सकती है बड़ी आफत

मुंबई। महाराष्ट्र में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में कोरोना के बढ़ते मामलों से संक्रमण की नई लहर का अंदेशा बन गया है। पिछले दो सप्ताह से महाराष्ट्र में अचानक बढ़ते कोरोना के मामलों ने महाराष्ट्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वहीं राज्य में तेजी से बढ़ते कोविड-19 के मामलों के बीच एक बार फिर से लॉकडाउन लगाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सख्त कदम उठा सकती है सरकार

माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में कुछ सख्त कदम उठा सकती है। हालांकि सरकार ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि सरकार इस तरह का फैसला ले सकती है। वहीं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा है कि अगर लोग कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन्स को नहीं मानेंगे तो सरकार को मजबूर में आकर ये कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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फिर बढ़ने लगे हैं कोरोना के मामले

आपको बता दें कि पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में कोरोना के मामले काफी कम हो गए थे। लेकिन पिछले दो सप्ताह से नए मामलों में फिर बढ़ोतरी होती दिखाई दे रही है। पिछले 24 घंटों के अंदर सिर्फ मुंबई में ही 558 केस आए हैं। इसी के साथ शहर में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,13,213  हो गई है। जबकि पूरे महाराष्ट्र से 3451 मामले सामने आए हैं।

क्या है मुंबई की मेयर का कहना?

बता दें कि मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि लोगों का मास्क ना पहनना चिंता का विषय है। लोग अब बिना मास्क के ही यात्रा भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना नियमों का पालन करना ही होगी, नहीं तो हमें एक और लॉकडाउन लगाने का फैसला करना पड़ सकता है। किशोरी पेडनेकर ने कहा सरकार ने अब तक लॉकडाउन लगाने का फैसला नहीं किया है। लेकिन कोरोना को रोकने के लिए सरकार द्वारा कुछ भी कदम उठाया जा सकता है।

पैर पसार रहा है कोरोना वायरस

वहीं, राज्य के डिप्टी CM अजीत पवार ने कहा महाराष्ट्र में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण पैर पसारने लगा है। ये लोगों की लापरवाही की वजह से भी हुआ है। जिस तरह से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दोबारा लॉकडाउन लगाना पड़ा है, ऐसे ही हमें भी मजबूरी में इस तरह के कदम उठाने पड़ सकते हैं। लोगों को कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करना होगा, नहीं तो मामला बिगड़ भी सकता है।

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