लखनऊ गोलीकांडः आयुष ने क्यों रची खौफनाक साजिश? पुलिस तलाश रही है जवाब

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने खुद इस मामले का खुलासा किया

लखनऊ। मोहनलालगंज के बीजेपी सांसद कौशल किशोर के बेटे ने कुछ लोगों को फंसाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची. जिसमें उसने अपने साले को भी शामिल किया. साजिश भी कोई ऐसी वैसी नहीं बल्कि गोली मारने की. गोली किसी को और नहीं मारनी थी. बल्कि उसे खुद पर गोली चलवानी थी और इल्जाम किसी और पर लगाना था. बस इसी साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने अपने साले की मदद ली और खुद पर गोली चलवा ली. अब पुलिस ने इस मामले में आयुष और उसके साले आदर्श के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

लखनऊ में जब से सांसद पुत्र पर हमले की बात सामने आई थी. तभी पुलिस इस मामले में की छानबीन शिद्दत से कर रही थी. लेकिन जब पुलिस ने मौका-ए-वारदात के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो कुछ ऐसा नहीं मिला जो वारदात को साबित कर सके. पुलिस को मामला कुछ संदिग्ध लगने लगा. मगर पुलिस शांत रही और सांसद पुत्र के घर पहुंची.

जब पुलिस ने आयुष के घर की तलाशी ली तो वहां से हमले में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद हो गई. अब पुलिस मामले की तह तक पहुंचने वाली थी. इसके बाद पुलिस ने आयुष के साले आदर्श सिंह से पूछताछ की और पिस्तौल के बारे में पूछा. पुलिस के सामने आदर्श का कोई झूठ नहीं चल पाया और उसने सच कबूल कर लिया. उसी पुलिस को बताया कि आयुष के कहने पर गोली उसी ने चलाई थी. जिससे वो घायल हुआ.

क्योंकि वो कुछ लोगों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराकर फंसाना चाहता था. मामला खुल चुका था. पुलिस ने आदर्श को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन इस मामले में देर तक कोई शिकायत ना तो बीजेपी सांसद और आयुष के पिता कौशल किशौर ने दी और ना ही किसी और ने. इसके बाद पुलिस ने बुधवार की देरशाम खुद मुकदमा दर्ज कर लिया.

पुलिस ने मड़ियांव थाने में सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष और उसके साले आदर्श के खिलाफ केस दर्ज किया है. इस एफआईआर में दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश जैसे संगीन आरोप हैं. पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 505, 1बी, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

अब पुलिस सांसद के बेटे से पूछताछ करना चाहती है, लेकिन वो अस्पताल से डिसचार्ज होने के बाद फरार हो गया है. पुलिस एक ही सवाल का जवाब तलाश रही है कि आखिर सासंद के बेटे आयुष ने ऐसी साजिश क्यों रची? वो किन लोगों को फंसाना चाहता था?

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