महागठबंधन में नहीं गली दाल तो कांग्रेस से मिलाना चाहते हैं हाथ

लखनऊ। यूपी में सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बाद सियासत ने अब नई करवट ली है. ऐसे में लोकसभा चुनावों में सभी दल अपनी अपनी संभावनाओं को टटोल रहे हैं. समाजवादी पार्टी से अलग होकर नई पार्टी बनाने वाले मुलायम सिंह के भाई शिवपाल यादव भी पीछे नहीं हैं. शनिवार को वह कह रहे थे, कि कोई भी गठबंधन उनके बिना पूरा नहीं हो सकता, लेकिन जब सपा बसपा के साथ बात नहीं बनी तो उन्‍होंने अब बीजेपी के खिलाफ नया गठबंधन बनाने की संभावनाओं पर विचार करना शुरू कर दिया है.

शिवपाल ने इशारा किया है कि वह कांग्रेस के साथ भी हाथ मिला सकते हैं. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहि‍या) के मुखिया शिवपाल यादव ने कहा, वह कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं. इस बारे में बातचीत पर उन्‍होंने कहा, अभी हमारी इस बारे में कांग्रेस से कोई बातचीत नहीं हुई है. लेकिन जितनी भी सेक्‍युलर पार्टी हैं, उन्‍हें साथ आना चाहिए. इनमें कांग्रेस भी एक है. अगर कांग्रेस हमसे संपर्क करेगी और हमसे बात करेगी, तो हम गठबंधन के लिए तैयार हैं.

जाहिर है, सपा और बसपा के बीच गठबंधन में शिवपाल को जगह नहीं मिली है. कांग्रेस और आरएलडी के लिए भी दो दो सीटें छोड़ी गई हैं. एसपी और बीएसपी 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में शिवपाल अब अपनी राजनीति के लिए जमीन तैयार करने में जुटे हैं. शिवपाल यादव का वैसे तो यूपी की राजनीति‍ में बड़ा आधार नहीं है, लेकिन वह यादवलैंड में सपा के प्रभाव वाली सीटों पर बड़ा असर रखते हैं.

कन्‍नौज, बदायुं, फिरोजाबाद, मैनपुरी इटावा में शिवपाल यादव अपने बूते अखिलेश का खेल बिगाड़ सकते हैं. यादव वोटर्स में श‍िवपाल प्रमुख नेता हैं. ऐसे में अगर वह चुनावी मैदान में कांग्रेस के साथ उतरे तो वह बीएसपी और सपा को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

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