सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

हर किसी में सेक्स को लेकर एक फैंटेसी होती है लेकिन जरूरी नहीं कि ये फैंटेसी सब के अंदर सामान हो। इस तरह से अलग-अलग यौन रुझान वाली महिलाओं में चरमोत्कर्ष या ऑर्गेज्म का स्तर भी भिन्न होता है। किसी पुरुष या लेस्बियन या बाइसेक्सुअल लोगों की तुलना में एक सामान्य महिला सेक्स के दौरान कम ही चरमोत्कर्ष पर पहुंच पाती है। बाइसेक्सुअल वे लोग होते हैं जो महिला और पुरुष दोनों से यौन संबंध बनाते हैं।

यह बात अमरीका में 52 हजार छह सौ लोगों पर किए गए एक अध्ययन में सामने आई है। अध्ययन में यह देखा गया कि महिला-पुरुष या अलग-अलग तरह के यौन रुझान वाले व्यक्तियों में सेक्स के दौरान मिलने वाले ऑर्गेज्म के बीच अंतर कितना है। आर्काइव ऑफ सेक्सुअल बिहेवियर नाम से किए गए इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अधिक से अधिक ऑर्गेज्म के लिए जोड़े अपने यौन व्यवहार में अंतर ला सकते हैं।सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

इनमें ओरल सेक्स और अपने साथी को प्यार से छूना और सहलाना शामिल है। अध्ययन में इंडियाना विश्वविद्यालय, चैपमैन विश्वविद्यालय, क्लेयरमांट ग्रैजुएट विश्वविद्यालय शामिल थे। इसके मुताबिक, आमतौर पर ऑर्गेज्म हासिल करने वालों का अनुपात इस तरह था-
सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा
– 65 फीसद सामान्य महिलाएं

– 66 फीसद बाइसेक्सुअल महिलाएं

– 86 फीसद समलैंगिक महिलाएं

– 88 फीसद बाइसेक्सुअल पुरुष

– 89 फीसद समलैंगिक पुरुष

– 95 फीसद सामान्य पुरुष

अध्ययन करने वाली टीम का कहना है, ‘हालांकि अध्ययन से इस बात के संकेत मिले कि ऑर्गेज्म के बीच इस अंतर को कम किया जा सकता है।’ टीम के मुताबिक, ‘तथ्य यह है कि एक समलैंगिक महिला किसी सामान्य महिला की तुलना में आमतौर पर अधिक ऑर्गेज्म हासिल करती है। यह इस ओर इशारा करता है कि कई सामान्य महिलाओं में ऑर्गेज्म हासिल करने की दर अधिक हो सकती है।’ अध्ययन के नतीजों के मुताबिक कुछ सामान्य महिलाएं रेगुलसर सेक्स के जरिए ही ऑर्गेज्म तक पहुंच पाती हैं।

अध्ययन से यह भी पता चलता है कि सेक्स के दौरान होने वाली अन्य गतिविधियों के साथ-साथ मिल-जुलकर ओरल सेक्स करने का एक अलग ही महत्व है। ज्यादा ओरल सेक्स से अधिक ऑर्गेज्म हासिल करने को लेकर सामान्य महिलाओं, समलैंगिक महिलाओं, बाइसेक्सुअल महिलाओं, समलैंगिक पुरुषों और बाइसेक्सुअल पुरुषों में एक पैटर्न है। केवल सामान्य पुरुषों में ही कोई लिंक नहीं मिला।
महिलाओं में अधिक ऑर्गेज्म से जुड़े व्यवहार इस तरह हैं-

– अपने पार्टनर से यह कहना कि बिस्तर पर वो क्या-क्या चाहती है।

– बिस्तर पर किए गए प्रदर्शन के लिए अपने पार्टनर की तारीफ करना।

– कोई कामुक चीज करने के लिए अपने पार्टनर को टेलीफोन करना या ईमेल करके उसे छेड़ना।

– अलग-अलग पोजिशन में सेक्स करना

– एनल के जरिए उत्तेजित करना।

– अपनी यौन इच्छाओं के बारे में बातें करना।

– सेक्स से जुड़ी बातें करना और प्यार जताना।

इस अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों का कहना है कि महिला-पुरुषों में ऑर्गेज्म हासिल करने की दर अलग-अलग होने के सामाजिक और विकासवादी कारक भी हैं।

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