लोकसभा चुनाव: अगर ऐसा हुआ तो BJP को होगा फायदा, अखिलेश की बढ़ेगी मुश्किल

लखनऊ। समाजवादी पार्टी से अलग होकर शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाया, लेकिन क्या ये मोर्चा बीजेपी का मददगार साबित होगा या अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को कमजोर करेगा? ये सवाल इसलिए क्योंकि इसके नेताओं का दावा है की अखिलेश ने नाराज समाजवादी भी शिवपाल से बातचीत कर रहे हैं.

समाजवादी पार्टी और समाजवादी सेक्युलर मोर्चा दोनों में सिर्फ समाजवादी शब्द की कॉमन नहीं है, बल्कि नए मोर्चे के ज्यादातर नेता भी अखिलेश की समाजवादी पार्टी से गए हैं.  शिवपाल यादव के मोर्चे के मीडिया पैनल के नाम इस पर मुहर लगा रहे हैं. शादाब फातिमा, दीपक मिश्रा, अरविन्द यादव, शारदा प्रताप शुक्ल, अभिषेक सिंह आशू सभी समाजवादी पार्टी के सदस्य रहे हैं, शादाब फातिमा और शारदा तो अखिलेश सरकार तक रहे हैं. अभी भी अखिलेश यादव से नाराज और किनारे किये गए कई नेता मोर्चे के सम्पर्क में है और जल्द ही वो इसके पदाधिकारी भी होंगें.

हालांकि समाजवादी पार्टी ने इस मोर्चे पर बोलने के लिए सभी प्रवक्ताओं को मना कर दिया है और खुद भी इसको तवज्जों नहीं देना चाह रहे हैं. लेकिन ये बात तो साफ़ है की चुनाव से पहले संभावित गठबंधन में ही नहीं बल्कि चुनाव में भी शिवपाल का ये मोर्चा अखिलेश को ही कमज़ोर करेगा. अगर अखिलेश कमज़ोर होंगे तो इसका फ़ायदा बीजेपी को मिलेगा.

समाजवादी पार्टी को बनाने और ज़मीनी मजबूती देने में शिवपाल यादव का बड़ा योगदान रहा है. यूपी में यादव और मुस्लिम वोटरों में भी उनकी पैठ है ऐसे में एटा, इटावा, मैनपुरी, आगरा, औरैया, फ़िरोज़ाबाद, बदायूं और कन्नौज में समाजवादी पार्टी कमज़ोर होगी. इसी तरह पूर्वांचल में यादव और मुस्लिम बाहुल्य सीटों जौनपुर, आज़मगढ़, मऊ, ग़ाज़ीपुर, देवरिया और कुशीनगर में भी सपा का कमज़ोर होना तय है.

अपने दमख़म पर जीतने वाले कई बाहुबली जो अखिलेश से नाराज़ है जिसमें अतीक अहमद, अंसारी बंधु, विजय मिश्रा भी सेकूलर मोर्चा में जा सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी का काम आसान और अखिलेश की चुनावी राह में मुश्किल आना तय है.

शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं की लिस्ट जारी कर दी है. नौ नेताओं को ये ज़िम्मेदारी दी गई है. ये लोग मीडिया में समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का पक्ष रखेंगे. जिन नौ लोगों को प्रवक्ता बनाया गया है, उनके नाम हैं

1. शारदा प्रताप शुक्ल
2. सैयद शादाब फ़ातिमा
3. दीपक मिश्र
4. नवाब अली अकबर
5. सुधीर सिंह
6. दिलीप यादव
7. अभिषेक सिंह आशू
8. फ़रहत रईस खान
9. अरविंद यादव