ड्राईक्लीन की दुकान पर काम करने वाले आसिफ की ‘आशु भाई गुरुजी’ बनने की कलंक कथा!

नई दिल्ली।  क्राइम ब्रांच के सामने पूछताछ के दौरान आशु भाई गुरुजी उर्फ आसिफ खान ने बताया कि करीब 25 साल पहले वह अपने एक दोस्त के साथ एक तांत्रिक बाबा से मिलने गए थे. उस वक़्त आसिफ एक ड्राईक्लीन की दुकान पर काम करता था. वहां लोगों की भीड़ और पैसा देखकर आसिफ खान की आंखें फट गईं. बाद में उसी बाबा से आसिफ खान ने तंत्र-मंत्र और वशीकरण सीखा.

पहले उसने ये काम अपने जेजे कॉलोनी के घर में शुरू किया. उसके बाद घर से निकाले जाने पर पदम नगर में ऑफिस खोल लिया. लेकिन, उससे भी आसिफ खान को ज्यादा फायदा नहीं हुआ. इस दौरान आशु भाई ने कुंडली देखना और हस्तरेखा का ज्ञान भी हासिल कर लिया. बस यहीं से उसका धंधा चल निकला. आशु भाई का मानना था कि मुस्लिम धर्म गुरु बनने से ज्यादा अच्छा है हिंदू धर्मगुरु बनना. क्योंकि मुस्लिम समाज के मुकाबले हिंदू लोग धर्म के नाम पर खूब खर्च करते हैं.

ज्योतिषाचार्य बनते ही आशु आसिफ की दुकान चल निकली. पदम नगर में आसिफ झाड़फूंक करता था, लेकिन उसके बाद उसने रोहिणी में खुद को ज्योतिषाचार्य बताया और वहां श्रद्धा आश्रम के नाम से एक आश्रम खोला. आशु बाबा अपने भक्तों का कहता था ‘मुझे श्रद्धा से मिला है, मैं प्यार से देता हूं’.

डिमांड बढ़ने के साथ फीस बढ़ी
यहां आशु भाई पहले भविष्य जानने के लिए आने वाले लोगों से 1100 रुपये प्रति सवाल लेता था, लेकिन जब दुकान चल निकली तो फीस बढ़ा कर 25 हजार रुपये कर दी थी. इतना ही नही, आशु ने पुलिस को बताया कि इस धंधे में जो दिखता है वो बिकता है. यानी ज्योतिषाचार्य का विज्ञापन और खुद की मार्केटिंग जरूरी थी, इसलिए आशु ने खुद का विज्ञापन टीवी, न्यूज़ चैनलों और अखबारों के देना शुरू कर दिया.

आशु ने पुलिस को बताया कि टीवी विज्ञापन के जरिये अंधविश्वासी लोगों ने ‘सर्व विघ्न नाशक’ धूप और ‘अमोघ यंत्र’ खूब खरीदा, जिससे उसने करोड़ों रुपये कमाए. उसने बताया कि इस धंधे के सिर्फ लोगों को डराकर उनकी जेब से पैसा निकलवाना होता है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच फिलहाल आशु से पूछताछ कर रही है. उसके बेटे से भी कई बार हिरासत में लेकर पूछताछ हो चुकी है. आसिफ ने बताया कि आशु नाम उसने धंधे में आने के बाद नहीं रखा, बल्कि घरवालों ने ही बचपन में उसका उपनाम आशु रखा था.

पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
दिल्ली के हौजखास थाने में गाजियाबाद में रहने वाली एक महिला ने आशु भाई पर रेप का आरोप लगाया था. महिला का आरोप था कि वह 2008 में आशु भाई के साथ जुड़ी थी, जिसके बाद बाबा ने कई सालों का उसका और उसकी मासूम बेटी का दुष्कर्म किया. पुलिस को पीड़िता ने बताया कि वह अपनी छह वर्षीय बेटी के पोलियो के इलाज के लिए आशु भाई गुरुजी के पास गई थी. जिसके बाद बाबा ने उसे अपने रोहिणी वाले आश्रम पर बुलाया. पीड़िता ने कहा कि रोहिणी स्थित आश्रम में आशु भाई उनकी बेटी के पूरे कपड़े उतारकर मालिश करता था.

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