राजस्थान: चुनाव से पहले 10950 अफसर-कार्मिकों ने सरकार को सौंपे इस्तीफे

जयपुर। प्रदेश की गांव की सरकार में काम करने वाले 10950 अधिकारी और कर्मचारियों ने बुधवार को वसुंधरा राजे सरकार को इस्तीफे सौंप दिए. राजस्थान के इतिहास में संभवतया पहली बार इतनी बडी संख्या में अधिकारी और कर्मचारियों ने इस्तीफे सौंपे है.  चुनाव से ठीक पहले पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड को सचिवालय पहुंचकर पंचायती राज सेवा परिषद के पदाधिकारियों ने सभी के इस्तीफे दिए.वजह ये है कि पांच साल से पंचायती राज विभाग ऐसा इकलौता विभाग है जिसमें अभी तक प्रमोशन नहीं हुए.पदोन्नती की मांग को लेकर 22 दिन से हडताल पर रहने के बाद सरकार से नाराज अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ 10950 इस्तीफे सौंपे दिए.

अब पंचायती राज विभाग एक साथ 10 हजार से ज्यादा इस्तीफे प्रदेश के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता को भिजवाएंगे. पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड इस्तीफे स्वीकार करते हुए फिलहाल अपने पास रख लिए है.बंद लिफाफों में सौंपे इस्तीफों में बीडीओ,पंचायत प्रसार अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी शामिल है.गांव की सरकार चलाने के लिए सबसे बडा अधिकारी पंचायतों में बीडीओ होता है, इसके बाद पंचायत प्रसार अधिकारी सरकार की योजनाओं का प्रसार करता है.जबकि ग्राम विकास अधिकारियों का भी सरकारी योजनाओं में पूरा योगदान रहता है.यानि तीनों वर्ग के अधिकारी और कर्मचारियों की बदौतल ही पूरी गांव की सरकार चलती है.

ऐसे में अब यही कहा जा रहा है राजस्थान में गांव की पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया है.हालांकि हर पंचायत स्तर पर एक एलडीसी भी होता है,लेकिन वो भी फिलहाल हडताल पर चले रहे है. ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा का कहना है कि हम लगातार पांच साल से सरकार से मांग कर रहे है,सभी विभागों में प्रमोशन दिए गए.लेकिन हमे अभी तक हमारा प्रमोशन नहीं हुआ.हम अपना अधिकारी मांग रहे है.कोई मांग नहीं कर रहे. नियतों के तहत सरकार को प्रमोशन करने ही थे,लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया और हमे मजबूरन इस्तीफे सौपने पडे.

पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड को इस्तीफे हाथों में सौंपे दिए है. अब सरकार उसे मुख्य सचिव के पास भेजेगी. उनका ये भी कहना है कि सरकार से 9 बार समझौता हुआ लेकिन आदेश जारी नहीं किए.इसी का वजह से गांव के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस्तीफे सौपने पडे.

दूसरी ओर पंचायत प्रसार अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल डारा का कहना था कि 22 दिनों से लगातार आंदोलन चल रहा है,इससे पहले भी आंदोलन हुआ,लेकिन अब तक सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी.हम सरकार पर इस्तीफे देकर कोई दबाव नहीं बना रहे,बल्कि हम हमारा हक मांग रहे है.इसलिए पंचायत प्रसार अधिकारियों ने भी सामूहिक रूप से इस्तीफे सौप दिए.

वहीं पंचायत प्रसार अधिकारी संघ के सदस्यों का कहना है पहली बार राजस्थान में अधिकारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर हडताल पर चल रहे है और सडकों पर उतरे है.नहीं तो इससे पहले सरकारी अधिकारियों ने कभी आंदोलन नहीं किया.लेकिन अब मजबूरन हमे इस्तीफा देना पडा.

गांव की सरकार में बीडीओ,पंचायत प्रसार अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों की संख्या 12 हजार से ज्यादा है.लेकिन इनमें से 10950 ने इस्तीफे दिए है.बाकी अधिकारी प्रोबेशन समय में चल रहे है,इसलिए उनका ध्यान रखते हुए इस्तीफे नहीं सौंपे गए.गांव की सरकार के इस्तीफे सौपने के बाद अब सरकार के लिए संकट खडा हो गया है.