एमएस धोनी अब 20 साल के नहीं, उनसे पहले जैसे खेल की उम्मीद ना करें: कपिल देव

नई दिल्ली। पूर्व कप्‍तान कपिल देव ने गई टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहलीऔर एमएस धोनी की जमकर तारीफ की. उन्होंने साथ ही कहा कि क्रिकेटप्रेमियों को धोनी से 10 साल पहले जैसे खेल की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. कपिल नेे विराट कोहली को बेहद मेहनती क्रिकेटर बताया. भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है. टीम 21 नवंबर को पहला टी20 मैच खेलेगी.

59 साल के कपिल देव ने एक निजी चैनल से कहा, ‘धोनी ने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. हर किसी को यह बात ध्‍यान रखनी चाहिए कि धोनी अब 20 साल के नहीं हैं और कभी होंगे भी नहीं. लेकिन हम उनसे अब भी वैसे ही खेल की उम्मीद करते हैं, जैसे वे 20 या 25 साल की उम्र में खेलते थे. अब ऐसा नहीं होने वाला है. उनके पास अनुभव है. यदि वे अपने अनुभव से भारतीय टीम की मदद करते हैं तो यह अच्‍छी बात है. यदि उन्‍होंने अपने को टीम के लिए उपलब्‍ध रखा है और अच्‍छी क्रिकेट खेल सकते हैं, तो वे टीम के लिए एसेट हैं. उनके लिए फिटनेस महत्‍वपूर्ण हैं और मैं उम्‍मीद करता हूं कि वे और अधिक मैच खेलते रहे.

विराट कोहली टैलेंटेड और मेहनती भी 
विराट कोहली की सबसे बड़ी खासियत क्या है? इस सवाल पर पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा, ‘कुछ लोग बेहद खास होते हैं और विराट उनमें से एक हैं. ऐसे लोग जो प्रतिभाशाली हैं और कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार रहते हैं, असाधारण बन जाते हैं. मेरे विचार से वे (विराट कोहली) प्रतिभावान भी हैं और अनुशासित भी हैं. यही बात उन्‍हें खास बना देती है.’

मैं नहीं जानता कि अंदरखाने क्या चल रहा है
कोच रवि शास्‍त्री, कप्तान कोहली के ‘यस मैन’ नहीं हैं, से जुड़े सवाल पर कपिल देव ने कहा, ‘यदि कप्‍तान और टीम खुश हैं तो हमें किसी के बारे में सवाल क्‍यों उठाना चाहिए. हां, मैं उस सवाल का जवाब नहीं देना चाहता जो मुझसे संबंधित नहीं है. मैं इस सवाल का जवाब नहीं देना चाहता क्‍योंकि मुझे नहीं मालूम कि अंदरखाने क्‍या चल रहा है.’

चैंपियन की तरह खेलना होगा वुमंस टीम इंडिया को 
भारत ने हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में आईसीसी महिला टी20 वर्ल्‍डकप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है. उसे खिताब का दावेदार माना जा रहा है. हरमनप्रीत ब्रिगेड के बारे में कपिल ने कहा कि उसे आगे के मैचों में चैंपियन के आत्‍मविश्‍वास के साथ साथ उतरना चाहिए. यदि भारतीय महिला टीम ने एक इकाई के तौर पर खेल दिखाते हुए कम गलतियां कीं तो वह चैंपियन बन सकती है. वैसे अगर यह टीम नहीं भी जीतती है तो जिस तरह का खेल हमारी महिला टीम ने दिखाया है, वह महत्‍वपूर्ण है.