INDvsAUS: टीम इंडिया के सहायक कोच संजय बांगड़ बल्लेबाजी से खुश, पर लोअर ऑर्डर से निराश

 भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया जीत की दहलीज पर  है. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 323 का लक्ष्य दिया है. मेजबान टीम अभी मैच बचाने के लिए संघर्षरत है. अभी उसके केवल 6 विकेट बचे हैं जबकि मैच जीतने के लिए उसे 219 रन बनाने हैं. भारत के सहायक कोच संजय बांगड़ ने रविवार को कहा कि निचले क्रम का ध्वस्त होना ऐसा मुद्दा है जिसमें आस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के बाकी मैचों में भारत सुधार कर सकता है. उन्होंने साथ ही कहा कि अब भारत को जीत की रेखा पार करनी होगी.

एडीलेड ओवल में पहले क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन भारत ने अंतिम सात विकेट 73 रन पर जबकि अंतिम पांच विकेट सिर्फ 25 रन पर गंवाए जिससे टीम दूसरी पारी में 307 रन पर आउट हो गई.  बांगड़ ने कहा कि उन्हें निचले क्रम से 25 और रन बनाने की उम्मीद थी. बांगड़ ने कहा, ‘‘हमें कम से कम 25 और रन की उम्मीद थी. यह ऐसा विभाग में जिसमें हम लगातार सुधार की कोशिश कर रहे हैं. उम्मीद करते हैं कि निचला क्रम विशेषकर नौवें, 10वें और 11वें नंबर के बल्लेबाज आज की तुलना में बेहतर जज्बा दिखाएंगे.’’

पंत पर यह कहा बांगड़ ने
बांगड़ ने कहा, ‘‘ऋषभ पंत जब बल्लेबाजी के लिए आए तो हमारा स्कोर 260 रन के आस पास था. उन्होंने तुरंत दबाव कम किया और तेजी से 30-35 रन बने. एक बार उनके हमें इस स्थिति में लाने के बाद, हमने उम्मीद की थी कि वे बेहतर रुख और रणनीति के साथ बेहतर कर सकते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आप उनके अंदर की निडरता को नजरअंदाज नहीं करना चाहेंगे. टर्न लेती गेंद के खिलाफ उस तरह की बाउंड्री बेहतरीन शाट थे. वे ऐसे शाट थे जो कई साहसिक खिलाड़ी खेलते हैं.’’

पिछली सीरीज में हुआ था ऐसा
बांगड़ को खुशी है कि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने सीरीज की काफी अच्छी शुरुआत की जबकि इससे पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में काफी मुश्किल हालात में बल्लेबाजी की. कोच ने कहा, ‘‘लोगों को समझना होगा कि उन मैचों में गलती की गुंजाइश काफी कम थी. केपटाउन से लेकर ओवल तक हार का अंतर काफी कम था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने स्वयं को मजबूत स्थिति में रखा. दुर्भाग्य से हम मैच को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाए लेकिन एक टीम के रूप में हमें लगता है कि हम काफी प्रतिस्पर्धी थे. अब हमें जीत की रेखा पार करनी होगी.’’

बांगड़ ने कहा कि पिछले दौरों पर हालात काफी कड़े थे और कभी कभी आलोचना अनुचित थी. उन्होंने कहा, ‘‘हमें मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा और हम मुश्किल समय से गुजरे लेकिन यहां उन्होंने अच्छी शुरुआत की. जब हम यहां एडीलेड पहुंचे तो धारणा यह थी कि यह बल्लेबाजी के अनुकूल पिच होगी. ’’

रहाणे-पुजारा की तारीफ
बांगड़ ने रहाणे और पहली पारी में शतक जड़ने वाले पुजारा की जमकर तारीफ की. बांगड़ ने कहा कि रहाणे पिछले दौरों पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और वह एक बार फिर बड़ा शतक जड़ने के करीब हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम आम तौर पर यह बल्लेबाज पर छोड़ देते हैं कि वह रात्रि प्रहरी चाहता है या नहीं. वह मैदान पर उतरने के लिए बेताब था (दूसरी पारी में तीसरे दिन के अंत में) और क्रीज पर जाना चाहता था. जहां तक उसकी फार्म का सवाल है उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ और इंग्लैंड में तीसरे, चौथे और पांचवें टेस्ट में रन बनाए. बस शतक उससे दूर रहा.’’

टॉप ऑर्डर भी हुआ बेहतर
कोच ने दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शीर्ष क्रम की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी पारी में हमारी शुरुआत बेहतर रही. इससे हमें आधार मिला. हमें सलामी जोड़ीदारों से यही उम्मीद थी.’’ इंग्लैंड दौरे के बीच में टीम से बाहर किए जाने के बाद वापसी कर रहे सलामी बल्लेबाजी मुरली विजय के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘वह टीम योजना का हिस्सा है. हम उसके अनुभव और अनुशासन का उपयोग करना चाहते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘नई गेंद के खिलाफ खेलते हुए और आस्ट्रेलिया के आक्रमण के स्तर को देखते हुए हमें शीर्ष क्रम से लगातार अच्छी शुरुआत की जरूरत है. इसलिए सलामी बल्लेबाजों और तीसरे नंबर के बल्लेबाज को बड़ी भूमिका निभानी होगी.’’