रिटायर्ड दरोगा मर्डर केस पर गरमाई सियासत, सीएम योगी पर कांग्रेस का हमला

इलाहाबाद/लखनऊ। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के शहर इलाहाबाद में रिटायर्ड दरोगा अब्दुल समद को सरेआम पीट-पीटकर मौत के घाट उतारे जाने का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है और सीधे तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ को ज़िम्मेदारी लेने को कहा है. कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इलाहाबाद में प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले को यूपी की क़ानून व्यवस्था के लिए खुली चुनौती बताया है. उन्होंने कहा है कि सीएम योगी ने शपथ लेने के बाद पचास दिनों में क़ानून व्यवस्था को बेहतर बनाने का वायदा किया था, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं.

रिटायर्ड दरोगा अब्दुल समद के मामले में खुद सीएम योगी को सामने आकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करानी चाहिए और यह बताना चाहिए कि क़ानून व्यवस्था में सुधार के लिए उनके पचास दिनों की मियाद आखिर कब पूरी होगी. प्रियंका चतुर्वेदी ने मृतक रिटायर्ड दरोगा के परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदना भी जताई है.

बता दें कि इलाहाबाद के शिवकुटी इलाके में सोमवार को यूपी पुलिस के एक रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अब्दुल समद को लाठी डंडों से सरेआम लाठी डंडों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया था. इस मामले में पिटाई का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. सीसीटीवी फुटेज में अब्दुल समद का पड़ोसी जुनैद कमाल और उसके दो बेटे साफ़ तौर पर रिटायर्ड दरोगा पर लाठी डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं.

सीसीटीवी में कैद तस्वीरों में नजर आ रहा है कि अब्दुल समद पर नब्बे सेकेंड में उनचास वार किये गए थे. हमले के मुख्य आरोपी जुनैद इलाके का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ बीस मुकदमे दर्ज हैं. मृतक दरोगा के परिवार वालों ने जुनैद और उसके परिवार के नौ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इनमें तीन महिलाएं हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में सुओ मोटो लेते हुए यूपी सरकार से जवाब तलब कर लिया है. बता दें इस मामले में एक गिरफ्तारी भी की जा चुकी है और 10 नामजद में से 5 लोग हिरासत में लिए गए हैं.

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